बुन्देलखण्ड के पिछड़ेपन और दुर्दशा के लिए प्रदेश की वर्तमान व पूर्व सरकार जिम्मेदार

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राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चैधरी अजित सिंह ने बुन्देलखण्ड के पिछड़ेपन और दुर्दशा के लिए प्रदेश की वर्तमान व पूर्व सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि अलग बुन्देलखण्ड की स्थापना हुए वगैर यहां का विकास सम्भव नही है

आज बुन्देलखण्ड क्षेत्र के महोबा जनपद में आयोजित किसान पंचायत को सम्बोधित करते हुए चैधरी अजित सिंह ने बुन्देलखण्ड की दुर्दशा के लिए वर्तमान व पिछड़ी सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों को बुन्देलखण्ड से हर बार 500 अरब रूपये राजस्व के रूप में प्राप्त होते हैं लकिन यहां विकास के लिए मिलने वाला बजट इसका एक चैथाई भी नही होता उन्होने कहा कि बुन्देलखण्ड की मांग बहुत पुरानी है सन 1955 में गठित पहले राजपुर्नगठन आयोग ने यहां के सर्वांगीन विकास के लिए अलग राज्य बनाने की सिफारिश की थी और सन 1989 से अलग बुन्देलखण्ड राज्य के लिए यहां के लोग लगातार संघर्ष कर रहे हैं परन्तु उनकी मांगो पर कोई ध्यान नही दिया गया और यह क्षेत्र लगातार पिछड़ता चला गया किसान मजदूर बढ़ता गया और गरीबी तथा भुखमरी के कारण यहां के सैकड़ो किसान अबतक आत्महत्या कर चुके हैं।

उन्होने प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती को छोटे राज्यों के गठन कर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री छोटे राज्यों की वकालत करती हैं दूसरी तरफ छोटे राज्यों का प्रस्ताव विधानसभा में पारित कराने से कतराती हैं।

किसान पंचायत को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय लोकदल विधान मण्डल दल के नेता नवाब कौकब हमीद ने प्रदेश सरकार को सभी मोर्चो पर असफल बताते हुए कहा कि इस सरकार का आम जनता से कोई मतलब नही है। यह सरकार केवल स्मारक बनाने और भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त है। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह ने कहा कि रालोद की प्रदेश में सरकार बनने पर बुन्देलखण्ड क्षेत्र पिछड़ा और अविकसित नही रहेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com