बुंदेलखंड की गंगा में बह रही सैकड़ों टन राख से प्रदूषित हो रही है

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झांसी. पारीछा थर्मल पावर प्लांट का एश डैम सोमवार को टूट गया। बेतवा नदी की ओर बने एश डैम के टूटने से राख सीधी बेतवा नदी में गिर रही है। इसी वजह से सैकड़ों टन राख नदी में बह चुकी है। ऐसे में नदी का पानी पूरी से प्रदूषित हो गया है। देर शाम यहां पहुंची प्रदूषण नियंत्रण की टीम ने राख से प्रदषित हुए पानी का नूमना लेकर उसे जांच के लिए भेज दिया है।
वहीं, पारीछा थर्मल पावर प्लांट के अधिकारियों का कहना है कि अभी डैम को सही होने में 5-7 दिन लग सकते हैं। माना जा रहा है कि यदि इतने दिन डैम सही होने में लगते हैं, तब तक हजारों टन राख पानी में बह जाएगी। बताते चलें कि झांसी केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती का संसदीय क्षेत्र है। इसके अलावा उनके पास नदियों के साफ-सफाई की एक बड़ी जिम्‍मेदारी भी है।
झांसी में पारीछा पावर प्लांट स्थित है। यहां विद्युत उत्पादन के दौरान कोयला राख के रूप निकलता है। यह राख एक जगह एकत्रित की जाती है। राख को एकत्रित करने का एश डैम बेतवा नदी की ओर से निकला है। शनिवार को यही डैम टूट गया और राख नदी में बहने लगी। इस मामले में डीएम अनुराग यादव ने जांच के निर्देश दे दिए हैं।
बेतवा नदी को प्रदूषित करने को लेकर काफी समय से पॉवर प्लांट का विरोध किया जा रहा है। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय ने बताया कि बुंदेलखंड की गंगा बेतवा नदी को प्रदूषण किए जाने को लेकर धारा 156/3 में पावर प्लांट प्रशासन के खिलाफ मामला भी दर्ज है। इसके साथ ही हाईकोर्ट में पीआईएल भी दर्ज कराई गई है। यहां तक कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 8 बार पॉवर प्लांट को कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुये नोटिस दे चुका है। हालांकि, इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है।untitled