बीकेडी में अब तक 2342 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित

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झांसी। बुन्देलखण्ड महाविद्यालय में नकल करके पास होने की चली आ रही प्रथा को इस बार काफी हद तक विराम लगा है। उसका ही नतीजा है कि नकल के भरोसे परीक्षा में सम्मिलित होने वाले ज्यादातर दूरदराज के परीक्षार्थियों ने बीच में ही परीक्षा को टाटा कर दिया। अभी तक 2342 परीक्षार्थियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई है। 282 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए।

बुन्देलखण्ड महाविद्यालय में परीक्षाएं 2 मार्च से शुरू हुई थी। स्कीम के हिसाब से परीक्षाएं 30 अप्रैल तक होनी थी। लोक सभा चुनाव का स्ट्रांग रूम व मतगणना केन्द्र बनाए जाने पर प्रशासन ने कॉलेज का अधिग्रहण कर लिया। शेष परीक्षाओं का कार्यक्रम बदल दिया गया, जो 4 से 18 मई तक बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न केन्द्रों तथा बिपिन बिहारी इण्टर कॉलेज में होंगी। बीकेडी में अभी तक हुई परीक्षाओं में 2342 परीक्षार्थी गैरहाजिर होना चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्र बताते है कि नकल से पास होने के चक्कर में अन्य शहरों से भी छात्र-छात्राएं प्रवेश ले लेते है। इस बार परीक्षा केन्द्र बदले जाने तथा स्टेटिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेश्वर प्रसाद द्वारा परीक्षा में सख्ती किए जाने से नकल के भरोसे परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों ने बीच में ही परीक्षा को छोड़ना बेहतर समझा। इसमें कुछ ऐसे भी परीक्षार्थी शामिल है, जो किसी करण से परीक्षा नहीं दे सके है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि परीक्षा छोड़ने वालों में कुछ ने एक-दो विषय की परीक्षा नहीं दी, तो ज्यादातर ने शुरू से ही परीक्षा में भाग नहीं लिया। स्थिति यह रही अलग-अलग विषयों व कक्षाओं की हुई परीक्षाओं में प्रात: पाली में 928, दोपहर पाली में 790 तथा सायं पाली में 624 परीक्षार्थियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई है।