बिजली कंपनी ने निगम को नोटिस जारी किया

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सागर- शहर की प्यास का बोझ नगर निगम के खजाने पर भारी पड़ रहा है। निगम ने पिछले तीन माह से सागर जल आवर्धन योजना (राजघाट) का बिजली का बिल नहीं चुकाया है। एक बार फिर बिजली कंपनी ने निगम को नोटिस जारी कर दिया है। निगम को लगभग 9 करोड़ रुपए का बकाया बिल चुकाना है। नगर निगम प्रशासन ने मार्च से मई तक के बकाया बिल की राशि किश्तों में भी जमा नहीं की है।

मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सागर सर्किल के अधीक्षण यंत्री एल.के. गुप्ता के मुताबिक अब जून के बिल के साथ बकाया बिल जमा करने के लिए कनेक्शन काटने का नोटिस देने की कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम ने मार्च 2006 से बिजली कंपनी को सागर जल आवर्धन योजना के तहत राजघाट बांध स्थल पर लगे कनेक्शन का नियमित भुगतान नहीं किया है।

इसका हर माह 32 लाख रुपए बिल आता है। बिलों का नियमित भुगतान नहीं होने से पुराने बकाया बिलों पर हर माह करीब 12 से 15 लाख रुपए सरचार्ज लिया जा रहा है। श्री गुप्ता ने बताया कि मार्च 2009 में नगर निगम को कनेक्शन काटने का नोटिस दिया गया था। इसके एवज में निगम आयुक्त ने 15 लाख रुपए जमा कराए थे। इसके बाद से बिल जमा नहीं किया गया है।

महापौर प्रदीप लारिया का कहना है कि सागर जल आवर्धन योजना के संचालन पर नगर निगम पर हर माह 80 लाख रुपए का खर्च आ रहा है। जहां तक बकाया बिलों को जमा करने का सवाल है तो शासन से अनुदान की मांग की गई है।

उनका कहना है कि जलप्रदाय विभाग की आय बढ़ाने के लिए जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं है वहां पाइपलाइन बिछाकर लोगों को नल कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे विभाग की आय बढ़ेगी और बिजली बिल जमा करने में परेशानी नहीं आएगी।