बालिका अभिशाप नहीं है, वरदान है -जिला कार्यक्रम अधिकारी

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शासन के निर्देश पर बाल विकास परियोजना कार्यालयों और आगनबाड़ी केन्द्रों पर राष्ट्रीय बालिका दिवस आयोजन किया गयाइस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि बालिका अभिशाप नहीं है, वरदान है। बालक-बालिकाओं में भेदभाव नहीं किया जाना चाहिये। बाल विवाह, भू्रण हत्या, शिशु मृत्यु दर रोके जाने  पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि समाज में आज भी बालक और बालिकाओं में भेदभाव किया जा रहा है। यही कारण है कि बालिकाओं के जन्म लेने से पहले भ्रूण हत्या कार दी जाती है। समाज को एक साथ को मिलकर इस कुरीति को मिटाना है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन प्रदेश भर में किया जा रहा है, ताकि समाज में जागृति आये। उन्होंने बाल विवाह, भू्रण हत्या, शिशु मृत्यु दर रोके जाने, स्तनपान कराने, नियमित टीकाकरण, दहेज प्रथा एवं अन्य सामाजिक ज्वलंत विषयों पर भी चर्चा की। इसके अलावा शासन द्वारा बालिकाओं के लिये जा रही महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, सावित्री बाई फुले शिक्षा मदद योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।  कार्यक्रमों में बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर द्वारा यूनिसेफ की सहायता से संचालित बीएफएचआई सदस्यों द्वारा उक्त कार्यक्रमों में हिस्सा लिया गया। राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर शहर के अजीतापुरा, तालाबपुरा, घुसयाना, चौबयाना में जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं बीएफएचआई कार्यकर्ताओं द्वारा मौजूद आगनवाड़ी कार्यकत्रियों, महिलाओं और बालिकाओं को शासन की योजनाओं से अवगत कराया और उनका अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया।