बजट की कमी से शहरी स्वास्थ्य केंद्र बंद होंगे

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सागर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा (आरसीएच) कार्यक्रम के तहत पिछले दो वर्ष से संचालित 4 शहरी स्वास्थ्य केंद्र में से 3 आखिरकार बंद किए जा रहे हैं। 31 जुलाई को इन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए नियुक्त किए गए संविदा स्टॉफ को बाहर किए जाने संबंधी नोटिस थमा दिए गए हैं। केंद्रों को बंद किए जाने के पीछे शासन को आरसीएच से बजट न मिलना बताया जा रहा है।

आरसीएच ने शहर की गरीब बस्ती बाहुल्य क्षेत्र काकागंज, भगवानगंज, विठ्ठलनगर एवं रजाखेड़ी क्षेत्र के लिए यह केंद्र मंजूर किए थे। इन केंद्रों के बंद होने से शहरी क्षेत्र के गरीब परिवारों की महिलाओं व बच्चों को उनके घर के पास स्वास्थ्य सेवाएं मिलना बंद हो जाएंगी।

शहर में चार अलग-अलग स्थानों के लिए मंजूर किए गए शहरी स्वास्थ्य केंद्र लगभग दो साल से अस्तित्वहीन बने रहे। सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे जिले के स्वास्थ्य महकमे का मनमानीपूर्ण रवैया मुख्य कारण रहा। हालात ये रहे कि काकागंज, विठ्ठलनगर एवं भगवानगंज को यहां स्कीम के मुताबिक महिला चिकित्सक ही नहीं मिल पाई और यह बिना चिकित्सक के बनी रहीं। बाद में इन केंद्रों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित स्लम डिस्पेंसरी से जोड़ दिया गया।

शहरी क्षेत्र के तीन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए संविदा के रूप में स्टॉफ क्लर्क, लेब असिस्टेंट, एएनएम, चौकीदार एवं चपरासी के पदों पर दर्जन भर स्टॉफ भर्ती किया गया था। लेकिन केंद्रों के विधिवत रूप से कार्यशील न होने के कारण यह स्टॉफ जिला मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर लिया गया।

यहां पर दो-तीन कर्मचारियों को छोड़कर शेष सभी को लगभग बिना किसी काम के वेतन दिया गया। सूत्रों के मुताबिक इन तीन केंद्रों में से प्रत्येक के लिए करीब 80 हजार रुपए से अधिक की राशि प्रतिमाह बजट में मंजूर की गई थी।

बंद होने से फिलहाल बच गया रजाखेड़ी के स्वास्थ्य केंद्र के भी हालात ज्यादा अच्छे नहीं हैं। यहां पिछले 4 महीने से ज्यादा समय से चिकित्सक नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने काम चलाऊ व्यवस्था के तहत यहां शाहपुर सीएचसी के बीएमओ डॉ. एमके बरेठिया को अतिरिक्त चार्ज दिया गया।

लेकिन वे भी विभागीय व्यस्तताओं से यहां नियमानुसार कम समय दे पाते हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अर्बन आरसीएच स्कीम के तहत ये चारों स्वास्थ्य केंद्र शहरी क्षेत्र में खोले जाने थे लेकिन इनमें से एक को अज्ञात कारणों से रजाखेड़ी में खोल दिया गया।