फर्जी FIR के विरोध में महिलाये सड़को पर….

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प्रियंका मामले में पुलिस दुवारा फर्जी 302 में संजय वर्मा को जेल भेजने के मामले में सोमवार को सेकड़ो की संख्या में महिलाओ ने पैदल मार्च निकल कर एस.एस.पी ऑफिस ज्ञापन देने पहुंची। मगर आई जी का जिले में दौरा होने के कारण कोई भी पुलिस विभाग का सम्बंधित व्यक्ति ज्ञापन लेने को तयार नही हुआ। इस पर सभी महिलाये पैदल मार्च करती हुई जिला अधिकारी कार्यालय पहुंची और और धरना दिया। जिला अधिकारी को सम्बंधित मामले में ज्ञापन दिया ज्ञापन में महिलाओ ने मांग की कि मृतका प्रियंका बुधौलिया पत्नी स्व0 आनन्द बुधौलिया बोन कैंसर की मरीज थी व हार्ट पेशेन्ट भी थी एवं प्रियंका बुधौलिया की अपनी बीमारी के कारण स्वभाविक मृत्यु हुई जिसके चलते उसके परिवारजनों ने ना तो पोस्टमार्टम कराया और ना ही कोई अन्य कार्यवाही की थी । और नवाबाद थाने में मृतका प्रियंका के जेठ ,भाई और दो लोगो ने लिखित सुचना दी थी की प्रियंका की मौत स्वाभाविक हुई और अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वावजूद इसके एक माह सात दिन बाद पुलिस उसी हत्या के मामले में मुकदमा लिखती है जिसमे महिला की मौत उसकी बीमारी के चलते स्वभावित तौर पर हुई थी। ऐसे में पुलिस के सामने उसकी कार्य प्रणाली पर कई सवाल खड़े होते है।
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की अगर पुलिस के अनुशार प्रियंका की हत्या हुई थी तो मृतका का पोस्ट मार्टम क्यू नही करवाया गया मृतका की मौत के बाद परिजनों ने 11 -5 -2015 को नवाबाद को लिखित सामान्य मौत की सूचना कई गवाह सहित दी थी।
जब परिजन प्रियंका की सामान्य सुचना थाने में दी जा चुकी थी तो 1 महीने 7 दिन बाद लिखी गई FIR लिखते समय उस सामान्य मौत की लिखित सुचना को संज्ञान में किऊ नहीं लिया गया जो मृतका के परिजन ने दी थी।
पुलिस प्रशासन ने जानबूझ कर संजय वर्मा व उसके परिवार को अपराध संख्या 0482/15 पर धारा 302, 120बी, 467, 468, 471, 419, 420 आई0पी0सी0 थाना नवाबाद झांसी के प्रकरण में झूठा फसाकर गिरफ्तार कर जेल भेज लिया था ।
इस मामले की उच्य स्तरीय जाँच की मांग की।