प्राथमिक शिक्षा बदहाल, शिक्षकों की कमी

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हमीरपुर- शासन द्वारा प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्यालयों में बच्चों को लुभाने के लिए मिड डे मील, निशुल्क ड्रेस, पुस्तकें, छात्रवृत्ति बांटी जा रही हैं। ताकि विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ सके, मगर शिक्षकों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है, प्रतिवर्ष रिटायर्ड शिक्षक की संख्या बढ़ रही है, मगर उसकी तुलना में तैनाती नहीं की जा रही है। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यालयों में बच्चे मिड डे मील खाकर वापस घर चले जाते हैं और शिक्षा का स्तर बढ़ने के बजाये दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है।

जनपद में 790 प्राथमिक व 361 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। जिनमें से 431 प्रधानाध्यापक के पद रिक्त पड़े हुए हैं। प्रधानाध्यापक न होने के कारण वहां पर कार्यरत सहायक अध्यापक को ही प्रधानाध्यापक का कार्य संभालना पड़ता है। इतना ही नहीं जनपद के प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1007 अध्यापक के पद रिक्त पड़े हुए हैं। जिससे प्राथमिक शिक्षा का स्तर दिन प्रतिनिधि नीचे गिरता जा रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा को बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत रैलियां, गोष्ठी एवं अध्यापकों द्वारा संपर्क कर विद्यालयों में छात्र संख्या तो बढ़ा ली जाती है, मगर शिक्षा का स्तर जस का तस बना रहा है। बताते चलें कि विद्यालयों में जो अध्यापकों की नियुक्ति हैं, उन्हें निर्वाचन नामावली, राशन कार्ड, सर्वे सहित कई अन्य विभागों का कार्य सौंप दिया जाता है, जिससे अध्यापक बच्चों को शिक्षा देने के बजाये इन्हीं कार्यो में लगे रहते हैं, जिससे विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती है। हालांकि विद्यालयों में 40 बच्चों पर एक अध्यापक की तैनाती होनी चाहिए, मगर कई विद्यालयों में तो सिर्फ एक ही अध्यापक है, जिसके सहारे विद्यालय चल रहा है। प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य के 308, सहायक अध्यापक के 252, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के 103 व सहायक अध्यापक के 298 के अलावा नगर क्षेत्र सहित 1007 अध्यापकों के पद रिक्त चल रहे हैं। जिन्हें आज तक भरा नहीं गया। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी मनोज कुमार अहिरवार ने बताया कि इस वर्ष उच्च प्राथमिक विद्यालय के 26 व प्राथमिक विद्यालयों के 67 अध्यापकों सहित 93 अध्यापक रिटायर्ड हुए हैं। इसके सापेक्ष विशिष्ट बीटीसी में जनवरी 09 में 211 , जुलाई में 72 व अक्टूबर माह में 64 अध्यापकों की नियुक्ति की गयी है। विद्यालयों में अभी भी शिक्षकों की कमी है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा।