प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार मांगा

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चित्रकूट। अखिल भारतीय मजदूर सभा के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी मागों को लेकर सोमवार को मऊ क्षेत्र के चकौड़ गांव में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी तलवार, भाला, लाठी, कटार व बल्लम लिये थे। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि स्थानीय वन व जल संपदा पर अधिकार स्थानीय लोगों का हो।

मऊ तहसील के ग्राम पंचायत चकौड़ के पुतनिया पुरवा में मजदूर सभा की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए दुर्गा प्रसाद निषाद ने कहा कि बालू खनन में मशीनों का प्रयोग बंद कराया जाये। स्थानीय वन संपदा के उपयोग का पहला अधिकार स्थानीय निवासियों का होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में पत्थर तोड़ने का मशीनों की जगह मजदूरों से कराने की मांग की। मशीनों से पत्थर तोड़ाई से स्थानीय मजदूर बेरोजगार होकर घरों में बैठे हैं। अपने अधिकारों को पाने के लिए अब मजदूर जाग गये हैं।

फूलचंद्र निषाद व भोला निषाद ने कहा कि जल संपदा पर भी स्थानीय निवासियों का अधिकार होना चाहिए। प्रशासन किसी भी प्रकार का पट्टा किसी बाहरी व्यक्ति को करेगा, तो इसका पुरजोर विरोध किया जायेगा। नाव घाट भूमि पट्टा व मत्स्य पालन के लिए स्थानीय लोगों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिये।

सभा को संबोधित करते हुए राजबहादुर, अजीत सिंह, वंदना निषाद, राजनारायण, मिसरी लाल, रामलाल, चंद्रभान, सुरेश कुमार, राम कैलाश व सुरेश चंद्र ने भी वन व जल संपदा पर स्थानीय लोगों को पट्टे दिये जाने की मांग की।