प्रदेश में गहराता बिजली संकट

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सागर आने वाले समय में यदि बारिश की स्थिति अच्छी नहीं रही तो बिजली का संकट और गहराएगा। वर्तमान में दो हजार मेगावाट बिजली के उत्पादन में कमी आने से प्रदेश बिजली के संकट से जूझ रहा है। बिजली कम उत्पादन होने का कारण प्रदेश के ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी और रखरखाव न किया जाना बताया गया है। जबलपुर स्थित बरगी जल विद्युत ताप गृह में उत्पादन कई सालों से बंद है यही स्थिति अन्य संयंत्रों में बनी हुई है।

मांग और आपूर्ति में अंतर को देखते हुए मप्र विद्युत मंडल ने प्रदेश में बिजली कटौती के समय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। मप्र पावर ट्रांसमीशन कंपनी एवं पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर के सह प्रबंध निदेशक आरके. वर्मा के अनुसार राज्य एवं केंद्रीय संस्थाओं की ताप विद्युत इकाइयों में कोयले की कमी और संयंत्रों के रखरखाव नहीं किए जाने से ताप विद्युत उत्पादन में 1800 से 2000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कम हुआ है। तापमान बढ़ने से पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 800 से 900 मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई है।

बिजली कंपनी के सूत्रों है का कहना कि प्रदेश में बिजली की खपत 6000 मेगावाट है लेकिन केंद्रीय पूल और प्रदेश के बिजली उत्पादन संयंत्रों से 4 हजार से 4200 मेगावाट बिजली मिल रही हैं। इस स्थिति में प्रदेश में बिजली का संकट और बढ़ गया है। इसलिए घोषित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में 8, तहसील क्षेत्रों में 11, जिला मुख्यालयों पर 17 और संभागीय मुख्यालयों पर 21 घंटे बिजली सप्लाई करने का निर्णय लिया गया है।

सीएमडी श्री वर्मा का कहना है कि आने वाल समय में वर्षा की स्थिति सुधरती है तो बिजली आपूर्ति किए जाने के समय में वृद्धि करने का प्रयास किया जाएगा। अन्यथा बिजली कटौती के समय में और वृद्धि की जा सकती है।

छतरपुर शहर में 8घंटे , तहसील में 10घंटे और गांव में 12 से 15 घंटे ही कटौती हो रही है। अवर्षा से किसानों की फसल सिंचाई न होने से बर्बाद हो रही हैं।
टीकमगढ़. शहर में 9 घंटे और गांव में 15 से 18 घंटे। दूरस्थ गांवों में कई दिनों तक बिजली सप्लाई नहीं की जा रही है।
दमोह. जिला मुख्यालय पर 8 से 10 और गांव में 15 से 17 घंटे, गांव के लोगों को रात अंधेरे में बितानी पड़ रही है।
बीना. शहर में 6 से 8 और देहात में 16 से 18 घंटे। गांव के लोगों को गेहूं पिसाने और कृषि उपकरणों की मरम्मत कराने बीना आना पड़ रहा है।
सागर. शहर में 3 से 6 घंटे की कटौती हो रही है। इस कटौती से लोगों की दिनचर्या में खासा व्यवधान पैदा हो गया है।