पेयजल समस्या से निपटने के लिए ठोस रणनीति

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बांदा- भीषण गर्मी के चलते जनपद में पानी के लिए हाहाकार मचा है। जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए ठोस रणनीति तैयार कर ली है। अब जिले के सूखे तालाबों, खंतियों और पोखरों को नहरों व नलकूपों से भरवाया जायेगा।

शनिवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी हीरामणि मिश्र ने पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिशासी अभियंता केन कैनाल एवं सिंचाई प्रखंड तृतीय ने बताया कि 7 मई से नहरों का संचालन किया जायेगा। साथ ही प्रयास किये जा रहे हैं कि शीघ्र ही नहरों में पानी उपलब्ध हो जाये। सीडीओ ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि नहरों एवं नलकूपों के नजदीक पड़ने वाले तालाब एवं पोखरों में पानी भरवाना सुनिश्चित करें। यह भी कहा कि जिन तालाबों में नहरों-नलकूपों के माध्यम से पानी सीधे पहुंचाया जाना संभव नही है उनमें गूल, नाली का कार्य नरेगा के तहत कराकर पानी पहुंचाये जाने की व्यवस्था करें। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील कर कहा कि आम आदमी और जानवरों के उपयोग के लिए पानी भरवाने में सहयोग करें। गर्मियों में पेयजल उपलब्ध कराने में हैण्डपम्प की भूमिका को सर्वोपरि करार देते हुए कहा कि सभी विकास खण्ड अधिकारी ब्लाक स्तर पर पेयजल काउंटर खोल दे और रजिस्टर पर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली हैण्डपम्पों से सम्बंधित समस्याओं का अंकन कराकर मरम्मत से सम्बंधित कार्यवाहियां अंकित करें। हैण्डपम्प चौबीस घंटे से अधिक समय तक किसी भी दशा में बंद न रहने पायें। अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देशित किया कि विकास खण्ड स्तर पर होने वाली साप्ताहिक बैठकों में अवर अभियंताओं की उपस्थिति सुनिश्चित कराकर पेयजल सम्बंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण करायें। अधिशासी अभियंता जल संस्थान को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति ठीक करने के निर्देश दिये। कहा पेयजल उपलब्ध कराने में कोताही बर्दाश्त नही की जायेगी।