पृथक बुन्देलखण्ड राज्य दर्जा दिलाने के लिए संकल्पित है

0
270

झांसी-  विकास की परम्परा को कायम करने के लिए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी पृथक बुन्देलखण्ड राज्य तथा महानगर को बी-2 श्रेणी का दर्जा दिलाने के लिए संकल्पित है।

कांग्रेस पार्टी के बैनर तले चुनने वाले नेताओं द्वारा किए गए विकास कार्यो पर ऩजर डाले तो, बीएचईएल, मेडिकल कॉलेज, पारीछा थर्मल पावर हाउस, नाटघाट का पुल, इंजीनियरिंग कॉलेज, बुन्देलखण्ड के ज्यादातर बांध आदि उनके प्रयासों का नतीजा है। वर्तमान सांसद प्रदीप जैन आदित्य ने अपने विधायकी के कार्यकाल में इस क्रम को बढ़ाते हुए पैरामेडिकल कॉलेज की सौगात दी। संघर्ष से ताज एक्सप्रेस को झांसी तक लाने समेत अन्य विकास कार्य कराए। सांसद चुनने के बाद केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री बने। मंत्री बनने के दो दिन बाद ही रेलमंत्री ममता बनर्जी को 18 सूत्रीय मांग पत्र दिया, जिसमें झांसी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय का दर्जा दिलाना, झांसी-कानपुर रेल मार्ग का दोहरीकरण आदि शामिल है। उन्होंने झांसी व ललितपुर में एक-एक केन्द्रीय विद्यालय, महरौनी में नवोदय विद्यालय स्वीकृत कराए। बिजली की बदहाली से उद्योगों की स्थापना न होने तथा नगरवासियों को हो रही परेशानी दूर करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए की लागत से बुन्देलखण्ड में 4000 मेगावाट का बिजलीघर का प्रस्ताव पास कराया। सुविधाओं के अभाव में मेडिकल कॉलेज से दिल्ली और ग्वालियर रेफर होने वाले गरीब मरीजों का यही उपचार हो सके, इसके लिए केन्द्रीय राज्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से झांसी में एम्स की ब्रांच स्थापित किए जाने की पहल की, जिसको स्वास्थ्य मंत्रालय ने हरी झण्डी दे और वित्त मंत्रालय से भी फाइल स्वीकृत हो गई। भूमि चयन और निर्माण कार्य होना शेष है। झांसी में ग्रासलैण्ड और टीकमगढ़ में एग्रीकल्चर कॉलेज के भवन में केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव पारित कराया। झांसी में हवाई अड्डा विकसित करने के लिए नगर विमानन राज्यमंत्री प्रफुल पटेल से मिले, जिस पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की टीम ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट दे दी है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही झांसी में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा की स्थापना हो जाएगी। इसके अलावा केन-बेतवा सम्पर्क परियोजना को शुरू कराए जाने की पहल की है, इससे झांसी, बांदा, हमीरपुर की 2.66 लाख हेक्टेअर भूमि को सिंचाई का लाभ होगा। बबीना ब्लॉक की पानी समस्या का भी निस्तारण हो जाएगा। विधान सभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल बट्टा ने विकास के क्रम को जारी रखने का संकल्प लिया है। उनका दावा है कि जनता के आशीर्वाद से विधान सभा पहुंचे, तो महानगर को बी-2 श्रेणी का दर्जा दिलवाने तथा बुन्देलखण्ड राज्य की स्थापना के लिए संघर्ष करेगे। अनिल बट्टा वर्ष 2000 से वर्तमान में नगर निगम के सभासद है, यह उनका दूसरा कार्यकाल है। उन्होंने विभिन्न आन्दोलनों में सक्रिय भूमिका निभायी है। उन पर बिजली आन्दोलन में राज्य सरकार द्वारा 50 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति का मुकदमा कायम है। उनके 80 वर्षीय पिता श्रीराम बट्टा नगर पालिका के उपाध्यक्ष तथा युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। पं. जवाहर लाल नेहरू एवं श्रीमती इन्दिरा गांधी के समय से वर्तमान में कांग्रेस पार्टी में सक्रियता से जुड़े हुए है।

NO COMMENTS