पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड के लिये नवीन परियोजनाएं बनाई जायें: मुख्य सचिव

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नवीन परियोजना में कृषि क्षेत्र के लिए ढाँचागत सुविधाओं, कान्टैªक्ट फार्मिंग, कृषि उपज के विपणन एवं पशुपालन के विकास को सम्मिलित किया जाये: राजीव कुमार

परियोजना के अन्तर्गत निर्माणाधीन 103 सोडिक हाट के सापेक्ष 66 सोडिक हाट पूर्ण हो जाने के फलस्वरूप अवशेष 37 निर्माणाधीन सोडिक हाटों को मार्च, 2018 तक निर्धारित
मानक एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के मुख्य सचिव ने दिये निर्देश

लखनऊ: 18 जनवरी, 2018 dsc_8837_r2_c1

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राजीव कुमार ने निर्देश दिये हैं कि पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड के लिये नवीन परियोजनाएं बनाई जायें। उन्होंने निर्देश दिये कि उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम और डास्प मिलकर कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों को सम्मिलित करते हुए इस हेतु अवधारणा प्रपत्र तैयार करेंगे। नवीन परियोजना में कृषि क्षेत्र के लिए ढाँचागत सुविधाओं, कान्टैªक्ट फार्मिंग, कृषि उपज के विपणन एवं पशुपालन के विकास को सम्मिलित किया जाये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम द्वारा विश्व बैंक के वित्त पोषण से संचालित उ0प्र0 सोडिक लैण्ड रिक्लेमेशन तृतीय परियोजना के अनुश्रवण एवं समन्वय हेतु स्टेट स्टीयरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निजी क्षेत्र के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता स्थापित करते हुए कार्य किए जाने पर बल देते हुये निर्देश दिये गये कि उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम द्वारा ऊसर भूमि सुधार की तकनीकी में अर्जित की गयी विशेषज्ञता का उपयोग प्रदेश के विकासपरक् योजनाओं में किया जाना चाहिए ताकि जनोपयोगी योजनाएं और अधिक आम किसानों के लिये उपयोगी हो सके। उन्होंने निर्देश दिये कि परियोजना के अन्तर्गत निर्माणाधीन 103 सोडिक हाट के सापेक्ष 66 सोडिक हाट पूर्ण हो जाने के फलस्वरूप अवशेष 37 निर्माणाधीन सोडिक हाटों को मार्च, 2018 तक निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाये।
बैठक में प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम श्री अजय यादव द्वारा परियोजना के अन्तर्गत सम्पादित कराये जा रहे कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की गयी। मुख्य सचिव द्वारा निर्माणाधीन सोडिक हाटों को मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। सिंचाई विभाग द्वारा परियोजना के अन्तर्गत किए जा रहे कार्यो की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रमुख सचिव सिंचाई से कमाण्ड एरिया के साथ समन्वय स्थापित कर विश्व बैंक के सहयोग से संचालित योजना में कार्य कराये जाने के निर्देश दिये गये ताकि कृषकों को सिंचाई विभाग की योजना का पूर्ण लाभ मिल सके। प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम द्वारा सोडिक तृतीय परियोजना में अधिकारियों की कमी से अवगत कराते हुए बताया कि विगत बैठक में लिए गये निर्णय के अनुसार अभी तक कृषि विभाग से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी नहीं मिले हैं। मुख्य सचिव द्वारा एक सप्ताह के अन्दर कृषि विभाग से अधिकारी भेजने हेतु निर्देशित किया गया।
उ0प्र0 सोडिक लैण्ड रिक्लेमेशन तृतीय परियोजना के अन्तर्गत पशुपालन विभाग द्वारा किये जा रहे पशु कैम्प एवं मिनरल मिक्स्चर प्रदर्शन आयोजित किये जाने पर प्रमुख सचिव पशुपालन ने अवगत कराया कि दवायें और मिनरल मिक्स्चर खरीदने के टेंडर पूर्ण कर लिए गये हैं व शीघ्र ही ये कैम्प शुरू हो जायेंगे।
उ0प्र0 सोडिक लैण्ड रिक्लेमेशन तृतीय परियोजना के अन्तर्गत निर्धारित समस्त प्रोजेक्ट डेवलपमेंट आब्जेक्टिव्स के लक्ष्य से अधिक पूर्ति पर मुख्य सचिव द्वारा उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम की सराहना की गयी।
बैठक में प्रमुख सचिव, परती एवं सिंचाई श्री टी0वेंकटेश, प्रमुख सचिव, पशुपालन श्री सुधीर बोबड़े, प्रमुख सचिव, वाह्य सहायतित परियोजना विभाग सुश्री डिम्पल वर्मा, प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम श्री अजय यादव, विशेष सचिव, उद्यान श्री आर0पी0 सिंह, विशेष सचिव, कृषि श्री जी0पी0 तिवारी, विशेष सचिव, लघु ंिसचाई एवं भूगर्भ जल श्री शरद कुमार तथा उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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