पुणे में जबर्दस्त धमाका, नौ लोग मारे,53 घायल

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पुणे में जर्मन बेकरी में हुए शनिवार शाम एक बम विस्फोट में पांच महिलाओं और एक विदेशी नागरिक सहित नौ लोग मारे गए और 53 अन्य घायल हो गए।r-b

मुम्बई में 14 महीने पहले हुए आतंकी हमले के बाद हुआ यह विस्फोट पहला आतंकी हमला है। आईआईडी जर्मन बेकरी की रसोई के बाहर रखे एक लावारिस पैकेट में रखा था जिसमें शाम लगभग साढ़े सात बजे जबर्दस्त धमाका हुआ।विस्फोट के बाद घटनास्थल पर लोमहर्षक नजारा देखा गया। चारों तरफ खून के लोथड़े और लोगों के क्षतविक्षत शव बिखर गए। धमाके में घायल एक व्यक्ति संतोष ने कहा कि मैं ऑटोरिक्शा से जा रहा था। मैंने विस्फोट की जोरदार आवाज सुनी और लगा कि धरती हिल गई।

जर्मन बेकरी शहर के छावनी क्षेत्र स्थित एक पुराना व्यावसायिक प्रतिष्ठान है जो रजनीश द्वारा स्थापित ओशो आश्रम आने वाले विदेशियों का पसंदीदा स्थल है। ऐसा माना जाता है कि अमेरिका का संदिग्ध आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली अपनी पुणे यात्रा के दौरान ओशो आश्रम में ठहरा था।

केंद्रीय गृह सचिव गोपाल कष्ण पिल्लई ने नई दिल्ली में कहा कि बहुत मुमकिन है कि यह आतंकी हमला हो। हम जांच में राज्य पुलिस की मदद के लिए सीबीआई की फॉरेंसिक टीम और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सदस्यों को भेज रहे हैं।

पुणे के पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह ने कहा कि विस्फोट में नौ लोग मारे गए हैं जिनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। राज्य सरकार से मिली सूचना के आधार पर पिल्लई ने नई दिल्ली में मीडिया कर्मियों से कहा कि मृतकों और घायलों में एकएक विदेशी शामिल है लेकिन वह इनकी पहचान के बारे में नहीं बता पाए। उन्होंने कहा कि विस्फोट के शिकार हुए बाकी लोग भारतीय माने जाते हैं लेकिन स्थिति बदल सकती है।

गृह मंत्रालय ने देशभर में अलर्ट जारी कर लोगों से कहा है कि वे संदिग्ध वस्तुओं को न छूएं और ऐसी कोई चीज देखे जाने पर पुलिस को सूचित करें। पिल्लई ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार को इस बारे में बताया था कि हेडली ने जिन क्षेत्रों की रेकी की उनमें ओशो आश्रम भी शामिल था।

शिकागो में पिछले साल एफबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए हेडली ने आतंकी हमलों के लिए मुम्बई सहित भारत के कई स्थानों की रेकी की थी। एफबीआई ने उसे उस समय पकड़ा था जब वह पाकिस्तान के लिए उड़ान भरने वाला था। शनिवार शाम हुए विस्फोट से बेकरी नष्ट हो गई और वहां खून तथा मानव अंग बिखरे पड़े थे। कुछ लोगों के चेहरे इतने जल गए कि उनकी पहचान भी मुश्किल थी।

इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री अशोक चहवाण ने इस विस्फोट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि हमें होशियार और सतर्क रहने की जरूरत है लेकिन इस पर अफरातफरी की कोई जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि विस्फोट की वजह का पता लगाना अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस आयुक्त से बात करके उनसे कहा है कि घटनास्थल पर मिले सुबूतों के परीक्षण से पहले वह किसी नतीजे पर पहुंचें। चहवाण ने इस घटना के आतंकवादी हमला होने के बारे में पूछे गए सवाल पर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में इसे सिलेंडर में हुआ विस्फोट माना गया था। फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और धमाके की असल वजह का पता अभी नहीं लग सका है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस घटना में घायल लोगों को ससून अस्पताल, उधरानी अस्पताल और जहांगीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में कुछ विदेशी नागरिकों के भी शामिल होने के बारे में उन्होंने कहा हम इसका पता लगा रहे हैं। इस बीच, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल ने कहा कि राज्य को खुफिया एजेंसियों से अनेक सूचनाएं मिली थीं लेकिन उनमें से कोई भी जानकारी ऐसी नहीं थी जिससे किसी घटना की जगह, समय और ऐसा करने का इरादा रखने वाले किसी व्यक्ति का पता लगता।


Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
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