पानी बिजली को लेकर कमिश्नर ने ली बैठक

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उरई -मंडलायुक्त ने बिजली और पानी के संकट को लेकर शुक्रवार को मंडलायुक्त ने जिले का दौरा कर डीएम के साथ बैठक की। उन्होंने पेयजल आपूर्ति की रिपोर्ट की समीक्षा की और जहां-जहां पानी का संकट है वहां शीघ्र स्थिति को सुधार लाने का निर्देश दिया।

जिले में 21423 हैडपंप जिनमें से 724 हैडपंप स्थायी रूप से ठप हैं जबकि 114 हैडपंप अस्थायी रूप से खराब है। इस तरह कुल 838 हैडपंप निष्क्रिय है। पूरी तरह ठप हैडपंपों की रीबोरिंग शुरू कर दी गयी है। बड़ी संख्या में हैडपंप खराब होने से जिले में पेयजल का भीषण संकट खड़ा हो गया है। यहां तक कि जगह-जगह पाइप लाइन चोक होने से शहर में तक पेयजल की आपूर्ति ठीक नहीं है। शुक्रवार को मंडलायुक्त टीपी पाठक ने जिले का दौरा कर पेयजल और बिजली समस्या को लेकर जिलाधिकारी के साथ बैठक की।

जिलाधिकारी ने मंडलायुक्त को अवगत कराया कि पेयजल समस्या को लेकर खराब हैडपंपों की सूचना को जल निगम में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जनपद में 26 टैकर विभागीय है तथा 25 टैकर निजी लोगों के है जो कि सभी कार्यशील है। गत वर्ष अग्निकांड से प्रभावित 23 ग्रामों में टैकरों से पेयजल आपूर्ति की गयी थी। तालाबों की संख्या तथा उनकी स्थिति के बारे में उन्होंने बताया कि 1455 कुल तालाब है जिनमें 443 में पानी भरा हुआ है। 532 अन्य तालाबों को भरने के लिए 10 मई से नहरे चलायी जा रही है तथा 42 तालाबों को निजी तथा सरकारी नलकूपों द्वारा भरा जा चुका है। नगरीय क्षेत्र में पेयजल की स्थिति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 71 नलकूप स्थापित है जिसमें से 69 नलकूप पूरी तरह चालू हालत में है। विद्युत उपलब्धता के आधार पर इनका पूरा उपयोग किया जा रहा है। नगरीय क्षेत्रों में 2031 हैडपंप स्थापित है, 61 स्थायी रूप से खराब है तथा 48 अस्थायी रूप से, जिन्हें विभागीय बजट मिलते ही ठीक करवा दिया जायेगा। कमिश्नर ने कहा कि किसी भी हालत में पेयजल की समस्या विकट नहीं होनी चाहिये। वहीं बिजली की स्थिति में भी सुधार लाया जाये।