पट्टों की पैमाइश में गड़बड़ी मिली, छह लेखपाल निलंबित

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ललितपुर-  जिले की तीनों तहसीलों में पट्टे की जमीन पर कब्जा दिलाने का अभियान जोर शोर से चल रहा है। जिलाधिकारी पवन कुमार स्वयं इस अभियान की निरतर समीक्षा कर रहे है। इसकी वजह से पूरा अमला तपती दोपहरिया में दलबल के साथ पट्टों की पैमाइश के लिए खेतों की नपाई करने में जुटा हुआ है। पैमाइश में लापरवाही परिलक्षित होने पर तहसील महरौनी व ललितपुर के 3-3 लेखपालों के विरुद्ध कार्यवाही की गयी है। जिलाधिकारी ने कहा है कि इस कार्य में गड़बड़ी कतई क्षम्य नहीं होगी। यदि पूर्व में अनियमितताएं बरतीं गई तो उसका दण्ड भी सम्बंधित को भुगतना होगा।

तहसील ललितपुर के ग्राम तेरा, थनवारा, सतौरा, मगरपुर, खजुरिया, डुगरिया, मसौराखुर्द में वर्श 2006-07 में 490 व्यक्तियों को पट्टे आवंटित किये गए थे। जिसके सापेक्ष 413 पट्टेदारों को अभियान के तहत जमीन पर काबिज किया गया। ग्राम भौंरदा, बछलापुर, सिमरधा, पाली ग्रामीण, अड़वाहा कपासी में वर्ष 2007-08 में 674 पट्टे स्वीकृत किये गए थे। इसके सापेक्ष 622 पात्र पट्टेदारों को कब्जा दाखिल कराया गया है।  जबकि 50 पट्टेदारों द्वारा जमींदारी उन्मूलन अधिनियम की धारा 198 के बाद कलैक्टेट न्यायालय में विचाराधीन है। इन पट्टों पर भी कार्यवाही नहीं क जा सकी। इसी प्रकार ग्राम धौर्रा, मैनवारा, आगर, विनैका टोरन, पठारी, कलरव, रीछपुरा, मैनवार, ककोरिया, खितवास, भौंरदा, खिरियाछतारा, करमरा, अनौरा, तालगाव, ननौरा, घटवार, दावर, कुमरौल, ऐरावनी, सतगता गावों में वर्ष 2008-09 में कुल 1466 पट्टे स्वीकृत किये गए थे। इसमें से 1446 पट्टेदारों को कब्जा दिलाया गया। शेष पट्टेदारों के मामले कलैक्ट्रेट न्यायालय में विचाराधीन है। इस पर कार्यवाही नहीं की जा सकी।

परगनाधिकारी सदर पी.के.श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के निर्बल वर्ग किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति के व्यक्तियों को आवंटित पट्टे पर काबिज कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। गाव-गाव में राजस्व विभाग की टीमें पुलिस की मौजूदगी में पट्टों की पैमाइश कराकर जमीन पर पात्रों को काबिज करा रहीं है। पट्टा आवंटन से लेकर पात्रों के काबिज न होने के मामले की भी गहन पड़ताल की जा रही है। विगत दिवस हुई पट्टों की पैमाइश के दौरान अनियमितताएं मिलने पर 6 लेखपालों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। जिनमें 3 ललिततपुर तहसील व 3 महरौनी तहसील के लेखपाल शामिल है। परगनाधिकारी सदर ने बताया कि राजस्व कर्मियों को निर्देशित कर दिया गया है कि एक बार कब्जा दिलाने के बाद किसी पट्टेदार को जमीन से बेदखल कर दिया जाता है तो न केवल उसे दोबारा कब्जा दिलाया जाएगा बल्कि कब्जा करने वाले दबंगों के विरूद्ध जमींदारी विनाश अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

इधर शासन के निर्देश पर चल रहे इस अभियान ने अधिकारियों, कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है। वहीं कार्यवाही के भय से दबंगों में भी हड़कम्प मचा हुआ है, जो राजस्व कर्मचारी कई बार अनुविनय करने के बाद भी पट्टों की पैमाइश करने के लिए नहीं जाते थे वह आज तपती दोपहरिया में खेतों में जरीब डालते घूम रहे। पता चला है कि पट्टों की पैमाइश के साथ-साथ कब्जा करने वाले दबंगों के खिलाफ कार्यवाही के लिए राजस्व व पुलिस विभाग की टीमें गठित की गई है। इस अभियान के तहत गरीब किसानों को उनकी कब्जियाई जमीन वापस मिलने से उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ रही लेकिन उनमें यह भय भी बना हुआ है कि न जाने दबंग कब उनके साथ घात कर दें।