पंचायतों के धन से अब नहीं बनेंगे चेकडैम

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चित्रकूट- जिले में निर्माण कार्यो में धांधली का पर्याय बन चुके चेकडैम अब जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायतों की धनराशि से बिल्कुल नहीं बनाये जायेंगे। जिलाधिकारी ने चेकडैमों के स्थान पर कार्य योजना में बदलाव कर अच्छी योजनायें बनाने के निर्देश दिये।

कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी हृदेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उन्होंने बैठकों से अफसरों के गैर हाजिर रहने पर नाराजगी जताते हुये मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि गैर हाजिरों से स्पष्टीकरण मांगकर उनका वेतन रोकने और सर्विस ब्रेक करने की कार्यवाही की जाये। बैठक में निश्चित समय पर उपस्थित न होने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब सख्त कार्यवाही की जायेगी।

जिला पंचायत के कार्यो की समीक्षा में जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी को निर्देश दिये कि योजनाओं का संपूर्ण विवरण लेकर ही उपस्थित हों। उन्होंने ग्राम पंचायत भवन, सीसी रोड़ व सिंचाई विभाग के चेकडैम के कार्यो को शुरू कराने के निर्देश देते हुये कहा कि अब जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायतें चेकडैम के लिये धनराशि न देकर कार्य योजना में बदलाव करे, कोई अच्छी योजनायें बनायें, अब चेकडैम बिल्कुल नहीं बनेंगे। उन्होंने बरगढ़ के राजकीय इंटर कालेज में छात्रावास निर्माण और मऊ के छात्रावास को महाविद्यालय की कार्यकारिणी को हस्तांतरित करने के निर्देश जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिये।

कृषि विविधीकरण परियोजना के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना के लिये खुली बैठकें कर ली जाये, इसके तहत पांच विकास खंडों में कुल 20 गांवों का चयन किया जाना है। इसके अंतर्गत उद्यान विभाग से आंवला व बहु प्रजातीय पौधों का लाभ किसान ले सकते है। बैठक में अपर जिलाधिकारी परमानंद तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी पी सी श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर के निरंजन, एसडीएम सदर बी पी खरे, एसडीएम मऊ मनोज कुमार सिंघल, अपर उप जिलाधिकारी मोतीलाल सिंह, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी विनीता यादव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी रमेश कुमार तिवारी व जिला विद्यालय निरीक्षक सी एल चौरसिया आदि संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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