नरेगा तकनीकि सहायकों ने किए हाथ खडे़

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ललितपुर- राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के तहत कराये जाने वाले निर्माण कार्यो की देखरेख के लिए तैनात तकनीकि सहायकों ने आज जिलाधिकारी को मानदेय बढ़ाये जाने के सम्बंध में ज्ञापन सौंपा। तकनीकि सहायकों ने बताया कि मानदेय कम मिलने के साथ-साथ कार्यदायी संस्था व ग्राम प्रधानों द्वारा सहयोग न किये जाने की वजह से वह कार्य करने में सक्षम नहीं है। उनका मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।

ज्ञापन में बताया गया कि जिले के सभी तकनीकि सहायक नरेगा योजना को सफल बनाने के लिए पूरी ईमानदारी के साथ कार्य कर रहे। आवंटित ग्राम पंचायतों, कार्य स्थल का सर्वे, मापन आदि के लिए उन्हे 700 रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाता जबकि खर्च इससे कहीं अधिक हो जाता। नरेगा के अंतर्गत श्रमिकों को 100 रुपये के हिसाब से मजदूरी दी जा रही। रोजगार सेवक को गाव में ही काम करने पर ढाई से पाच हजार रुपये मिल जाता है जबकि तकनीकि सहायक डिप्लोमा होल्डर होने के बावजूद उन्हे इतना भी नहीं मिल पाता कि वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। तकनीकि सहायकों को तैयार प्राक्कलन का 0.5 प्रतिशत भुगतान किया जाता है। इसी धनराशि को हासिल करने में उन्हे काफी मशक्कत करना पड़ती है। मामूली से भुगतान कराने की ऐवज में उन्हे कमीशन देना पड़ता है। हमारी समस्याएं सुनने के बजाय आरोप लगाया जाता कि वह जानबूझ कर अधिक धनराशि का प्राक्कलन तैयार करते है और काम कम धनराशि में करा दिया जाता। जबकि प्राक्कलन कार्य स्थल की स्थिति के अनुसार ही तैयार किये जाते है तथा कार्यदायी संस्थाएं व ग्राम प्रधान अपने मनमाने ढग से कार्य को सम्पन्न कराते जिससे प्राक्कलन लागत व किये गए कार्य में भिन्नता उत्पन्न हो जाती है।

तकनीकि सहायकों ने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा प्राक्कलन के विपरीत तकनीकि के कार्यो को अनदेखा कर प्रस्तावित कार्य पूरा करा दिया जाता। तकनीकि सहायकों द्वारा जब कोई कमी बतायी जाती है तब प्रधान व उसके साथी गलत कार्य का मापन करने के लिए बाध्य करते है। ग्राम प्रधान व सचिव की योजना से स्थल का गलत चयन कर तकनीकि सहायकों को बताये बगैर कार्य पूर्ण कर लिया जाता। शासन की मंशा के अनुरूप तकनीकि सहायकों द्वारा किये गए मापन कार्य पर 0.1 प्रतिशत भुगतान का प्राविधान है जो अभी तक जिले के किसी भी तकनीकि सहायक को प्राप्त नहीं कराया गया। इसी तरह 700 रुपये वाहन भत्ते का भुगतान भी महीनों से नहीं हुआ। महगाई के इस दौर में तकनीकि सहायकों को इतना नहीं मिल पाता कि उनका गुजारा ठीक से हो सके तथा मानदेय व प्राक्कलन, मापन कार्य की निर्धारित धनराशि को समाप्त कर 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया जाए ताकि उनके परिवार का पालन पोषण हो सके।

ज्ञापन पर पवन कौशिक, शिव नारायण तिवारी, अंतरिक्ष, विनोद सिंह, मुन्ना लाल, सुरेश आर्या, पशुराम, बाल मुकुन्द सोनी, आत्माराम गोस्वामी, राजेश जैन, महेश कटारे, सुनील अरोरा, लाल सिंह यादव, संजय जैन, दीपक श्रीवास्तव, अरविंद झा, अरुण ताम्रकार, विजय साहू, रजनीश गिरी, संतोष साहू, विनोद लक्ष्कार, अरविंद रजक, विजय, अखिलेश निगम, मान सिंह, प्रदीप खैरा, सुन्दर सिंह राठौर, दिनेश सिंह बुंदेला, जसवंत सिंह वर्मा, शिवशकर पाठक, कृष्ण मुरारी गुप्ता, रवीन्द्र शर्मा, जगदीश झा, गजराज आर्या, नसीम, प्रकाश चौरसिया, दिनेश गुप्ता, धनीराम प्रजापति, राकेश गुप्ता आदि के हस्ताक्षर बताए गए है।