नरेगा के तहत मजदूरी हड़पने वालों पर होगी कार्रवाई

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ललितपुर- नरेगा दिवस सम्पन्न होने के बाद अब उन मामलों पर कार्रवाई शुरू हो गयी है। इसमें श्रमिकों से काम तो कराया गया लेकिन उन्हे मजदूरी नहीं दी गई। ऐसा ही एक मामला कल विकास खण्ड तालबेहट अंतर्गत ग्राम तेरई फाटक का प्रकाश में आया था। आज परियोजना निदेशक राजीव लोचन पाण्डे ने गाव में जाकर न सिर्फ श्रमिक का पक्ष सुना बल्कि ग्राम प्रधान द्वारा तीन वर्ष पूर्व हड़पी गई मजदूरी का भुगतान भी कराया।

बताया गया कि विकास खण्ड तालबेहट अंतर्गत ग्राम तेरई फाटक निवासी दुर्जन कुशवाहा ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के तहत गाव में कराये गए कूप निर्माण कार्य में मजदूरी की थी। करीब 56 दिन उसने काम किया लेकिन उसे मजदूरी के नाम पर महज 200 रुपये थमा दिये गए। पहले तो ग्राम प्रधान यह कहता रहा कि निर्माण कार्य के तहत मजदूरों को बंटने वाला पैसा नहीं मिला, लेकिन बाद में वास्तविकता पता चली तो दुर्जन कुशवाहा के पैरों तले धरती खिसक गई क्योंकि उसकी मजदूरी का पैसा तो प्रधान ने हड़प लिया था। वह पिछले तीन वर्षो से मजदूरी पाने के लिए भटकता घूम रहा था। यह बात जब जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद के संज्ञान में आई तो उन्होंने तत्काल परियोजना निदेशक को मौके पर जाकर तहकीकात करने के निर्देश दिए। परियोजना निदेशक ने मौके पर जाकर जाच की तो पाया कि मजदूरी का पैसा प्रधान ने हड़प लिया था। परियोजना निदेशक ने प्रधान को मौके पर बुला कर जमकर हड़काया तथा दुर्जन कुशवाहा के हक की मजदूरी 4420 रुपये दिलवाई। सालों से लम्बित मजदूरी मिलने से श्रमिक के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई।

परियोजना निदेशक ने कहा कि नरेगा के तहत जो भी निर्माण कार्य कराये गए है उसमें तैनात श्रमिकों को नियमानुसार मजदूरी का भुगतान किया जाए। जाच के दौरान ऐसे ही कई और मामले संज्ञान में आये जिस पर परियोजना निदेशक ने ग्राम प्रधान को कार्यवाही करने को निर्देश दिए। बैठक के दौरान दिनेश, मोहन, आशाराम, नाथूराम, संतोष, धर्मेद्र, राजधर, परशु, कल्लू, बाबूलाल निवासी तेरई फाटक ने बताया कि उन्होंने भी सड़क निर्माण में मजदूरी की थी। इसका भुगतान आज तक नहीं हुआ। उनके जॉब कार्ड छीन लिये गए। जिस पर परियोजना निदेशक ने कार्यवाही के निर्देश दिए।