नगर में आईटीआई और पालीटेक्निक की स्थापना

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अतर्रा- नगर को चावल उत्पादन के साथ-साथ शैक्षिक नगरी के रूप में भी जाना जाता है। नगर के अंदर आधा दर्जन इण्टर कालेज के साथ डिग्री कालेज और आयुर्वेद कालेज स्थापित है लेकिन बेरोजगार छात्र-छात्राओं के लिए कोई टेक्नीकल शैक्षिक संस्था नही थी। इसकी भी कमी सरकार ने पूरी कर दी है। आईटीआई स्थापना के लिए स्वीकृति मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने सरकारी जमीन भी उपलब्ध करा दी है। कस्बे में जमीन अधिगृहीत होते ही आईटीआई के लिए भवन निर्माण शुरू हो गया है। छात्र-छात्राओं को अब नगर में किताबी ज्ञान के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान प्राप्त होगा। इतना ही नही इसके साथ-साथ सरकार द्वारा तहसील क्षेत्र में पालीटेक्निक कालेज खोलने की भी अनुमति दे दी गई है। जिसके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा सरकारी उपयुक्त जमीन तलाशी जा रही है। माना जा रहा है कि दो-दो तकनीकी संस्थायें स्थापित होने से आर्थिक रूप से कमजोर बेरोजगार छात्रों का भविष्य संवर जायेगा।

तहसीलदार राजेश सिंह के अनुसार आईटीआई के लिए अतर्रा ग्रामीण के गाटा सं. 1071 में तीन एकड़ वाली भूमि को स्थापना के लिए उपयुक्त मान अधिगृहीत कर दी गई है। जमीन अधिग्रहण होते ही हरिजन समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है।  लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आईटीआई भवन को कुछ माह में ही पूरा कर दिया जायेगा।

उ.प्र. सरकार में तहसील क्षेत्र को एक और टेक्नीकल संस्था पालीटेक्निक भी स्वीकृत कर चौंका दिया है। बाकायदा इसके लिए भी प्रशासन द्वारा जमीन तलाश शुरू कर दी गई है। जिसकी पुष्टि उपजिलाधिकारी केसी वर्मा ने करते हुए कहा कि जमीन की तलाश जल्द ही पूरी हो जायेगी। अगर कोई अड़चन नही आई तो माना जा रहा है कि नगर के स्थापित इण्टर एवं डिग्री कालेज से किताबी ज्ञान लेकर निकलने वाले हजारों छात्रों को इन दो-दो टेक्नीकल संस्थाओं से टेक्नीकल ज्ञान प्राप्त होगा।