देवताओं की जमीन अफसर खोजेंगे

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भिंड -चार जिलों के अफसर अब देवताओं के नाम दर्ज करोड़ों रुपए की जमीन खोजेंगे। जैन धर्म में श्वेताबंर संप्रदाय केभिंड स्थित मंदिर के गौतम ऋषि व ऋषभदेव महाराज की न सिर्फ भिंड बल्किमुरैना, शिवपुरी और ग्वालियर में भी काफी जमीन दर्ज होने का पता चला है।

जिले के धर्मादा विभाग के रिकार्ड में यह जमीन मंदिर के नाम पर चढ़ी हुई है। खास बात यह है कि करोड़ों रुपए की मिल्कियत की जमीन का मालिक होने के बावजूद मंदिर की देख रेख ठीक से नहीं हो रही है।

इस बात से ही क्षुब्ध होकर इस मामले में उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने एक जनहित याचिका प्रस्तुत की गई है। हाईकोर्ट ने आयुक्त चंबल संभाग के अलावा कलेक्टर भिंड, मुरैना,ग्वालियर व शिवपुरी को नोटिस जारी किया है।

इस नोटिस में उच्च न्यायालय ने दावे में वर्णित तथ्यों के आधार पर उक्त कलेक्टरों से धर्मादा विभाग की जमीन के संबंध में जानकारी तलब की लेकिन कलेक्टर भिंड को छोड़कर किसी भी अन्य जिले का कोई प्रतिनिधि न्यायालय में प्रस्तुत नहीं हुआ। भिंड कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम  न्यायालय में पेश हुए और मंदिर से संबंधित जानकारी भी प्रस्तुत की।

धर्मादा विभाग ने जब गौतम ऋषि व ऋषभदेव महाराज मंदिर के नाम पर चढ़ी जमीन की जानकारी जुटाना शुरू की तो पता चला कि भिंड मौजे में अलग-अलग 27 सर्वे नंबर हैं। इसके अलावा दबोहा में अलग-अलग दस,मंगदपुरा में 11,चन्दनपुरा में 12,सालिंगपुरा में 5,पुर में 5 तथा बदनपुर में 8 नंबर दर्ज हैं। कुल मिलाकर मंदिर के नाम पर अलग-अलग78 सर्वे नंबर चढ़े हुए हैं। इन सर्वे नंबरों का कुल रकबा अगर देखा जाए तो करीब एक सैकड़ा बीघा है। इस हिसाब से यह मंदिर करोड़ों की मिल्कियत का मालिक है।

उपरोक्त सर्वे नंबरों में सर्वे नंबर 2481 रकबा 0.397 भले ही मंदिर के नाम पर हो लेकिन वर्तमान में यह जमीन बीज एवं फार्म विकास निगम के पास है।

उच्च न्यायालय से प्राप्त नोटिस के आधार पर वे कलेक्टर की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत हुए थे। मंदिर के नाम भिंड जिले के करीब आधा दर्जन गांवों में काफी जमीन है।