देर सवेर ही सही ग्रामीण क्षेत्रों में गरमाया हुआ है राज्य बनाओ का मुद्दा

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ललितपुर। मतदाताओं की बुन्देलखण्ड प्रात बनाओ की अपेक्षा पर विभिन्न राजनैतिक दलों ने अपना नजरिया स्पष्ट करना शुरू कर दिया है। वह समझ चुके है यदि इस क्षेत्र को मतदाताओं का वोट लेना है तो उन्हे प्रात निर्माण के सम्बन्ध में नजरिया प्रस्तुत करना ही होगा। यही वजह है कि विभिन्न लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों के प्रचारक बुन्देलखण्ड राज्य बनाने का आश्वासन दे रहे है। राजनीतिक दलों पर इस माग के लिए दबाव बढ़ाने का कार्य भी विभिन्न संगठन कर रहे है।

देर सवेर ही सही अंतत: इस लोकसभा चुनाव में बुन्देलखण्ड राज्य बनाने का मुद्दा भी गरमाता जा रहा है। क्षेत्रवासी खुद के प्रात की जरूरत महसूस कर रहे है। लोकसभा चुनाव के दौरान जो भी प्रचारक गाव में पहुचते है तो ग्रामीण साफ लहजे में अपेक्षाओं को प्रस्तुत करने लगे है। इनमें बुन्देलखण्ड की माग भी प्रमुख रूप से सम्मिलित होती है। जनपदवासी समझ चुके है कि इस क्षेत्र का विकास बुन्देलखण्ड के राज्य बने बगैर नहीं होगा। राज्य निर्माण से ही विकास के द्वार खुलेंगे। लखनऊ से अत्यधिक दूरी भी उपेक्षा का कारण बताया जाता रहा है। लोगों का मानना है यदि इस क्षेत्र के निकट कार्य पालिका होती तो उनकी कई समस्याओं का निस्तारण शीघ्रता के साथ हो जाता। अत्यधिक दूरी के कारण जिले तक आने वाली योजनाओं की रोशनी क्षीण हो जाती है। नौकरियों पर भी चयन कर्ताओं की मनमानी की छाया मंडराने लगती है। पिछले वर्षो के दौरान इस सम्बन्ध में अनेक शिकायतें भी की गयीं, जिनसे जाहिर होता है कि इनका समाधान बुन्देलखण्ड का राज्य बनने से आसानी से हो सकता है।

संगठन इन दिनों प्रात निर्माण के लिए लोगों को जोड़ने का भी कार्य कर रहा है। बुन्देलखण्ड विकास सेना के कार्यकर्ता गाव-गाव पहुचकर संगठन के सदस्यों को एकजुट करने का कार्य कर रहे है। सम्पर्क के दौरान वह प्रात निर्माण के फायदे बता रहे है। उनहोंने मड़ावरा ब्लॉक के ग्राम पहाड़ी, सीरोन, दिदौरा, भोंटा आदि ग्रामों में चौपालें लगाकर लोगों को पृथक राज्य निर्माण के सम्बन्ध में संकल्प दिलाया। इस मौके पर सेना प्रमुख हरीश कपूर, सुधेश नायक, राजमल, प्रदीप गोस्वामी, बृजेश राठौर, विवेक जायसवाल, सुरेश, अनीस खा, इमरान खा, प्रकाश आदि उपस्थित थे।