दिव्यांग माता-पिता की कीजिए सेवा, मिलेगी आयकर में छूट….

0
54

झाँसी। नौकरी पेशा लोगों को जनवरी माह शुरू होते ही आयकर कटौती की चिंता सताने लगती है। वे इससे बचने के प्रयास भी शुरू कर देते हैं। अभी भी काफी आयकरदाताओं को आयकर की कटौती से बचने की पूरी जानकारी नहीं होती है। जबकि वे दिव्यांग माता-पिता की सेवाकर और उनका इलाज कराकर भी आयकर में छूट पा सकते हैं।
ढाई लाख से ज्यादा आय वालों को देना पड़ता है आयकरढाई लाख रुपये से अधिक आय वालों को आयकर देना पड़ता है। सरकार ने आयकर से बचत के लिए नियम भी बनाए है। इसके तहत दान देकर, माता-पिता के इलाज पर खर्च कर आयकर में छूट पाई जा सकती है। हालांकि अधिकांश आयकरदाताओं को आयकर की धारा 80 सी के बारे में जानकारी होती है। लिहाजा वे आयकर से बचने के लिए जीवन बीमा, राष्ट्रीय बचत पत्र जैसे प्रचलित माध्यमों में रुपये लगाना शुरू कर देते हैं। इसी कड़ी में बचत के अन्य भी तरीके हैं जिनके माध्यम से आयकर में छूट पाई जा सकती है।
इन नियमों से कर सकते हैं बचत
आयकर की धारा 80 डीडीइस धारा के तहत कोई भी दिव्यांग व्यक्ति अपने इलाज या दिव्यांग माता-पिता, पत्नी बच्चे, भाई और बहन के इलाज में रुपये खर्च करता है तो वह 75 हजार रुपये वार्षिक तक आयकर की बचत कर सकता है।
धारा 80 डीडीबीआयकरदाता किसी गंभीर बीमारी का इलाज कराता है या उस तरह की बीमारी से पीडि़त माता-पिता, भाई, बहन, पत्नी और बच्चे का इलाज कराता है तो वह 40 हजार रुपये तक आयकर की बचत कर सकता है।
आयकर की धारा 80 जीआप किसी भी पंजीकृत स्वयंसेवी संस्था, ट्रस्ट और धार्मिक स्थल पर दान कर छूट पा सकते हैं।
आयकर की धारा 80 डीइसके तहत आयकरदाता अगर अपने परिवार के किसी सदस्य का चिकित्सा बीमा करवाते हैं तो वह 25 हजार रुपये तक आयकर में छूट पा सकते हैं।
आयकर की धारा 80 सीइसके तहत पीपीएफ, एनएससी, ईएलएसएच, पांच साल की एफडी और बच्चों के स्कूल शुल्क चुका कर भी सालाना डेढ़ लाख रुपये तक की छूट पा सकते हैं।
आयकर की धारा 80 सीसीडीराष्ट्रीय पेंशन में डेढ़ लाख रुपये तक निवेश कर छूट पा सकते हैं। इसमें बचत करने पर व्यक्ति को अधिक ब्याज दर भी मिलता है।
आयकर की धारा 80 जीजीइस धारा के तहत नौकरी पेशा वाले घर के किराए की भुगतान रसीद के माध्यम से आयकर में छूट पा सकते हैं। इसके तहत 60 हजार रुपये तक की छूट मिल सकती है।
आयकर की धारा 80 ईइसके तहत शैक्षणिक ऋण लेने वालों को आयकर में छूट मिलती है। आयकरदाता स्वयं पढ़ाई करने या बच्चों की पढ़ाई के लिए ऋण लेते हैं तो उसके ब्याज पर आयकर में छूट मिलती है।
आयकर की धारा 80ईईऋण लेकर घर बनाने वाले को आयकर में छूट मिलती है। इसके माध्यम से 50 हजार रुपये तक आयकर की बचत कर सकते हैं।
जानकारी हो तो पा सकते हैं छूटआयकरदाताओं को आयकर बचत की जानकारी हो तो वह साढ़े पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय होने के बावजूद आयकर देने से बच सकते हैं। इसके लिए शुरू से ही योजना बनाने की आवश्यकता होती है।उज्जवल मोदी, चार्टर्ड अकाउंटेंट