तीन दिवसीय शिविर में दी गई कृषि तकनीकी की जानकारी

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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लाभार्थियों को कृषि उत्पादन बढ़ाने की तकनीकी जानकारी देने के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को हुआ।

तुलसी कृषि विज्ञान केन्द्र गनीवां द्वारा चनहट व हरदौली गांव में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर चलाया गया था। जिसके माध्यम से मनरेगा के तहत लाभ पाने वालों को खेती किसानी की नई तकनीकों से परिचित कराया गया। इस दौरान शिविर में आए विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को बताया कि वे किस प्रकार अपनी उपज बढ़ा सकते हें। इसके अलावा उन्हें तालाबों का रखरखाव करने व उसके उचित उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।

इस मौके पर मुख्यअतिथि रही उद्यमिता विद्यापीठ की निदेशिका डा. नन्दिता पाठक ने दीन दयाल शोध संस्थान द्वारा सामाजिक उत्थान के लिए चलाए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस शिविर में आए लोगों को अपनी कृषि उत्पाकदता बढ़ा समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा इसके बाद भी भी उन्हें खेती किसानी में यदि कोई परेशानी होती है तो वे कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों से सलाह ले अपनी दिक्कतेन्दूर कर सकते हैं। इस दौरान केबीके के डा. नरेन्द्र सिंह ने लोगों को प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी।

कृषि विज्ञान केन्द्र के प्राचार्य डा. छोटे सिंह ने बताया कि 50-50 समूहों के चर प्रशिक्षणों के माध्यम से लोगों को कृषि की नवीनतम तकनीकी जानकारी दी गई। जिसमें किसानों को मिट्टी की जांच कराने की सलाह देने के अलावा बागवानी, पशुपालन व महिलाओं की खेती में भागीदारी निभाने के बल भी जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के अन्त में सभी को बैग किट व पाठ्य सामग्री वितरित की गई।