तपिश बढ़ने के साथ गहराने लगा पेयजल संकट

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उरई (जालौन)। गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट गहराने लगा है। हालांकि यहां पर्याप्त हैडपंप है साथ ही हर मुहल्ले में पाइप लाइन भी है, मगर कुप्रबंधन व विभागीय लापरवाही के चलते नागरिकों को अभी से पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ न लगने से प्यास से बेहाल लोग इधर उधर भटकते दिखते हैं।

बसपा नेता अशफाक राइन समेत कई नागरिकों का आरोप है कि रखरखाव व मरम्मत के अभाव में आधे से ज्यादा हैडपंप पानी छोड़ गये है। इसी तरह पाइप लाइनों में जगह-जगह लीकेज होने से घरों में पहुंचने के बजाय पानी नालियों में बह रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता आरडीएस यादव महीनों गायब रहते है। तहसील दिवस में अवर अभियंता दिखते थे लेकिन आचार संहिता लागू होने के बाद से वह अब नजर नहीं आ रहे है। जल संस्थान के एक कर्मचारी के मुताबिक साहब आजकल अपने घर लखनऊ में है। लोग शिकायत लेकर जलसंस्थान पहुंचते है लेकिन वहां कोई सुनने वाला नही। मंडी, तहसील प्रशासन व नगर पालिका गर्मियों के मौसम में प्याऊ शुरू करते थे लेकिन इस बार उन्होंने भी मौन साध रखा है। बसपा नेता ने जिला प्रशासन को आगाह किया कि शीघ्र ही हैडपंप व पाइप लाइनों के लीकेज ठीक न किये गये तो धरना-प्रदर्शन किया जायेगा।

जलस्तर गिरने से किसान चिंतित कोंच, अप्र : गरमी की दस्तक के साथ ही जलस्तर से गिरने से पिपरमेंट की खेती करने वाले किसानों के चेहरे पर बल दिखने लगे हैं। भाकियू नेता रामनरेश व जयराम निरंजन ने रविवार को एक भेंट में बताया कि अप्रैल की शुरूआत में ही जब भूजल स्तर नीचे गिर रहा तो आगे क्या हालत होगी, इससे लोग परेशान हैं। पिपरमेंट जैसी लाभकारी फसल पूरी तरह पानी पर निर्भर है। हालांकि अधिकांश किसानों ने सबमर्सिबल पंप लगा रखे है लेकिन यदि भूजल स्तर ऐसे ही घटा तो महीने भर बाद तो सिंचाई के साधन जवाब दे जायेंगे। किसानों के साथ ही आम आदमी के सामने पेयजल संकट गंभीर रूप ले रहा है। हैडपंप खराब होने लगे है ताल तलैया सूख रहे हैं। नगर में ही ऐसे दर्जन भर स्थानों पर लगे हैडपंप अभी से जवाब दे गये है। तालाब पर लगे नलकूप से भी रुक रुककर पानी आ रहा है। यदि पेयजल समस्या का समाधान अभी से न किया गया तो यह संकट जल्द ही विकराल रूप धारण कर सकता है।