टोकन प्राप्त किसान अपना धान बेच सकेगा

0
209

अतर्रा-  प्रशासन ने  धान क्रय केंद्रों में बिचौलियों को रोकने के लिए टोकन सिस्टम की रणनीति बनायी है। किसान टोकन को लेकर निर्धारित क्रय केंद्र में अपना धान बेच सरकारी दाम पा सकेगा। इस प्रक्रिया से बिचौलियों व व्यापारियों में अफरा तफरी मच गयी है।

शासन धान उत्पादक किसानों को क्रय केंद्रों के माध्यम से पूरा लाभ देने के लिए कटिबद्ध हैं। इसके लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। टोकन प्राप्त किसान ही निर्धारित क्रय केंद्रों में अपना धान बेच सकेगा। टोकन सिस्टम से बिचौलियों और किसानों के रूप में लाभ उठाने वाले व्यापारियों को रोकने की पूरी व्यवस्था की गयी है। अगर ये सिस्टम पूरी ईमानदारी से संचालित हुआ तो कोई शक नहीं कि किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। फिर भी सिस्टम में कहीं न कहीं सुराख रह ही जाता है। जो बने-बनाये सिस्टम को कंडम करने में कोई कसर नहीं छोड़ता। एसडीएम रामसहाय यादव का कहना हैं कि टोकन सिस्टम में वास्तविक धान उत्पादक किसान ही लाभ पायेंगे न कि बिचौलिये। यादव ने बताया कि तहसील क्षेत्र में दस धान क्रय केंद्र स्थापित किये गये हैं जिसमें से तीन भारतीय खाद्य निगम के हैं। पांच में पीसीएफ का क्षेत्रीय सहकारी समिति अतर्रा में, नेफेड का मंडी अतर्रा, विपणन शाखा का उपमंडी खुरहंड में, तथा नेफेड और विपणन शाखा का बिसंडा में धान क्रय केंद्र खोला गया है। इन पांचों को क्रमश: तहसील क्षेत्र के 31, 22, 23, 15 और दस ग्रामों के क्रय का अधिकार दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दो केंद्र नेफेड मंडी खुरहंड में और एग्रो मंडी अतर्रा में ऐसे रहेंगे जिसमें तहसील क्षेत्र के कहीं का भी टोकन प्राप्त किसान अपना धान बेच सकेंगे।

एसडीएम ने बताया कि लेखपालों के माध्यम से गांव-गांव धान उत्पादक किसानों का व्यौरा तैयार कराया गया है। एसडीएम ने बताया कि सर्वे पूर्ण होते ही टोकन वितरण भी लेखपालों के माध्यम से करा क्रय केंद्रों में खरीद शुरू करा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सिस्टम को जो भी बिगाड़ने का प्रयास करेगा कार्रवाई का भागीदार बनेगा।