झांसी महोत्सव आयेगी सुनिधि चौहान

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झांसी – सुनिधि चौहान का जलवा छाया है। उन्हें देखकर इण्डस्ट्री को यह महसूस होने लगा कि है कि लता मंगेशकर और आशा भोंसले का युग वापस लौट रहा है। सुनिधि की दमदार आवाज उन्हें एनर्जेटिक और चुलबुले गीतों के लिए उन्हें पहली पसन्द बनाती है। सुनिधि ने 1999 में मस्त फिल्म में अपना पहला जबर्दस्ट हिट गीत रुकी रुकी दिया। इसके बाद उन्होंने वैसे ही मूड के गीत गाए जैसे महबूब मेरे ए सजना वे और धूम फिल्म का टाइटल गीत इत्यादि। मोइत्रा के कंपोज किए गीत कैसी पहेली (परिणीता) में सुनिधि का एक अलग अन्दाज नज़र आया था। जब वी मेट के निर्देशक इम्तियाज अली कहते हैं कि सुनिधि को हम फीमेल किशोर कुमार कह सकते हैं कॅरियर की शुरुआत म्यूजिक रिएलिटी शोज से हुई। मेरी आवाज सुनो से सुनिधि ने दर्शकों के बीच कदम रखा। untitled31

सुनिधि कहती हैं कि मैं लता जी को स्पर्श करना चाहती थी। सभी का कहना था कि मेरी आवाज अलग हैए इसलिए मैं चिन्ता में पड़ गई थी। उस समय मेरी आवाज उतनी परिपक्व भी नही थी पर किस्मत ने मेरा साथ दिया।


Vikas Sharma
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