झांसी जेल है आत्महत्या का ठिकाना ?..

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झांसी- जिला कारागार में एक बन्दी ने आज सुबह कारागार के अस्पताल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।


मऊरानीपुर के मोहल्ला गांधी गंज निवासी धर्मेन्द्र नवम्बर 08 में मऊरानीपुर पुलिस द्वारा पुलिस से मुठभेड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और अदालत के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया था। तभी से लगातार वह कारागार में बन्द था। जेलर केएस भदौरिया के अनुसार मानसिक रूप से बीमार धर्मेन्द्र को बीच में दो माह के लिए बनारस भी भेजा गया था। वहां उसका उपचार भी किया गया और वह कुछ हद तक ठीक हो गया था। इसके बाद उसे पुनरू झांसी जेल लाया गया। यहां आकर उसकी बीमारी पुनरू बिगड़ने लगी और पिछले दिनों उसे कारागार के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। अस्पताल में कोई और मरीज नहीं था। आज सुबह जब पहरे पर आरक्षी पहुंचाए तो उसने देखा कि धर्मेन्द्र ने अपनी लुंगी से अस्पताल के दरवाजे के ऊपर लगे लोहे के राड से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर आए और पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करा दिया।post

उधर, मृतक की मां श्रीमती शकुन्तला ताम्रकार व भाई देवेन्द्र ने आरोप लगाया कि जब भी वे धर्मेन्द्र से मिलने आएए तब-तब वह जेल अधिकारियों व एक आरक्षी पर आए दिन परेशान करने का आरोप लगाता था। शकुन्तला देवी ने बताया कि जिला कारागार में तैनात एक आरक्षी के पुत्र की कई वर्षो पूर्व हत्या हुई थी और उस हत्या में आरक्षी ने धर्मेन्द्र को आरोपी बनाया था। तभी से उक्त आरक्षी उससे रंजिश मानता था। शकुन्तला देवी ने उक्त आरक्षी पर अपने पुत्र की हत्या का बदला लेने के लिए धर्मेन्द्र की हत्या का आरोप लगाया है।

झांसी जेल में ये आत्म हत्या कोई फली नहीं है इस से फले भी कई कैदी आत्म हत्या कर चुके है मगर जेल प्रशासन कैदियों को मानसिक तनाव का कारण बताते है मगर विचार करने की बात ये है की जेल में बन्द कैदी मानसिक तनाव में कियो आ जाते है क्या उन्हें परेशान किया जाता है ? क्या उनसे पैसे की बसूली की जाती है घ् ये सवाल है जिनका जबाब जेल प्रशासन पर नही है ।

Manoj Arya
bundelkhandlive.com
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