झाँसी से आबकारी विभाग मुख्यमंत्री को पंहुचा रहा ओवर रेटिंग

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संवाददाता:लखनऊ उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से अंग्रेजी शराब 25 प्रतिशत तक सस्ती हो जाएगी। ऐसा सोचा था पर ऐसा प्रदेश के अन्य जिलो में हो हुआ मगर झाँसी में आज भी पुराने रेट पर खुलेआम अंग्रेजी शराब बिक रही है। इसका खुलासा जब हुआ जब लोग अखिलेश सरकार पर बादा खिलाफी का आरोप लगाने लगे, जब इसकी पड़ताल की गई तो पहला ठेका चुना गया झाँसी शहर के सिपरी बाजार के आर्यकन्या चोराहे का जहाँ खुले आम प्रिंट रेट से 10 रूपये क्वाटर और 30 रूपये हाफ पर 50 रूपये बोतल पर ओवर रेटिंग खुलेआम बिक रही है, जब जनता ने इसका विरोध किया तो सेल्स मेन का खुला कहना है की जिला आबकारी विभाग को पैसा दिया जा रहा है और विभाग पैसा लखनऊ तक देना पड़ रहा है। जबकी सीएम अखिलेश यादव ने पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान ‘शाम की दवा सस्ती’ करने का वादा किया था। यूपी कैबिनेट ने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की आबकारी नीति को मंजूरी देकर यह वादा पूरा कर दिया। वर्ष 2016-17 में 19,250 करोड़ रुपये का और वर्ष 2017-18 के लिए 20,746 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्ष 2017 के चुनावी साल का असर नई आबकारी नीति पर साफ दिखा। वर्ष 2017 के शुरुआती महीने में ही विधानसभा चुनाव संभावित हैं इसलिए 2017-18 की नीति भी इसी वर्ष निर्धारित कर ली गई। दूसरे राज्यों से शराब तस्करी को रोकने के लिए भी अंग्रेजी शराब के दामों में 25 प्रतिशत की कमी की गई है। नई आबकारी नीति में देसी, अंग्रेजी शराब, बियर व मॉडल शाप्स के लाइसेंस के नवीनीकरण के आवेदन और उनकी प्रोसेसिंग फीस 1000 रुपये तक बढ़ा दी गई है। वर्ष 2016-17 और वर्ष 2017-18 में 15 प्रतिशत सीमा तक नई दुकानें बनाने का अधिकार आबकारी आयुक्त और 15 प्रतिशत से अधिक नई दुकानें बनाने का निर्णय सरकार के स्तर से लिया जाएगा।
मगर लगता है झाँसी में मुख्यमंत्री की निति को आबकारी विभाग निस्ते नाबूत करके ही मानेगा जिस तरहा से शराब पर ओवर रेटिंग की जा रही है उससे जनता न खुश है और प्रदेश सरकार को कोश है है।