झाँसी मेडिकल कॉलेज

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झाँसी : महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज मैं एमबीबीएस तृतीय वर्ष के 23 वर्षीय छात्र की हत्या-आत्महत्या का मामला अभी अन सुलझा है l लेकिन कुछ ऐसे तथ्य हैं यदि हम उन पर प्रकाश डालें तो शायद कोई उम्मीद दिखती है l इस पर कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर एन एस सेंगर मैं अपना दृष्टिकोण विभिन्न बिंदुओं में रखा
प्राचार्य बोले 
हाँ पिछले वर्ष एक महिला छात्र ने भी छात्रवास में आत्महत्या की थी। मामले में पुलकिस की तफ्सीस जारी है। अश्वनी कुमार के आत्महत्या मामले में एक बात कॉमन है की इसके पिता भी नहीं थे। जहां तक अश्वनी के मामले में घटना के पीछे संदेह पर नजर डालें तो उसने पैथेलॉजी परीक्षा
को लेकर तैयारी में कमजोरी होने के तनाव के चलते आत्महत्या जैसे कदम को उठा लिया है ? प्राचार्य डॉ.एनएस सेंगर ने बताया की अश्वनी के पूरे बैच के ऊपर प्रति छात्र ३ हजार का दंड्य इसलिए लगाया गया था कि छात्र २-३ माह से कक्षा में अनुपस्ठित चल रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि ऐसा क्यों तो उन्होंने कहा एमसीआई के नए निर्देश और आदेश के चलते अब पीजी में प्रवेश की परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई से ज्यादा पीजी में प्रवेश की परीक्षा की तैयारी को टारगेट करते हैं। अश्वनी प्रथम वर्ष में तीनों विषय में अनुत्तीर्ण हुआ था। मामले की जांच में पुलिस सच सामने लाएगी। हालांकि इस मामले में मृतक अश्वनी की कक्षा की महिला सहपाठियों का आक्रोशित एकत्रित होना भी अनेक सबाल खड़े कर रहा है। दूसरी ओर घटना के बाद दो गुटों में मारपीट होने की चर्चाएं भी आम हो रहीं हैं।
छात्रों के वेहतर भविष्य पर सलाह ( Mentoring ) कार्यशाला की शुरुआत
प्राचार्य ने बताया की वर्ष २०१६ से बैच के छात्रों के लिए सलाह ( Mentoring ) कार्यशाला की शुरुआत की जा चुकी है। कालेज के एक-एक प्रोफ़ेसर के हवाले १० छात्र किये गए हैं। जो तनाव (stress, tension, strain, exertion, voltage,tightness ) से ग्रषित छात्रों को व्यक्तिगत ध्यान रखकर उनसे सलाह-मशविरा ( Mentoring) कर उन्हें उससे उबारकर अपने अध्यन के लिए प्रेरित करेंगें। उन्होंने कहा कालेज की वेहतर व्यवस्था और छात्रों के सुनहरे भविष्य पर केंद्रित जो भी संभव है वह करने का प्रयास जारी है।
 रैगिंग को नकारा
प्राचार्य ने कहा परिषर में रैगिंग नहीं होती। छात्रों की अध्यन में लापरवाही या किसी शिकायत पर नियमतः सबसे पहले अभिभावक को सूचित किया जाता है। जरुरत होने पर उनपर आर्थिक दंड्य भी लगाया जाता है।
फिलहाल अश्वनी के आत्महत्या मामले में विच्छेदन घर के वाहर एकत्रित कक्षा के महिला साथियों का आक्रोशित हुजूम का क्या रहस्य है ? जो जाँच का पहलु बन सकता है।

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