झाँसी में 66 वा गणतंत्र दिवस हुआ शर्मसार

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20150126_1202051आज झाँसी में 66वां गणतंत्र दिवस मनाया गया . इस मौके पर तैयारियां जोर-शोर से की गई थी. सभी सरकारी संस्थानों के अलावा स्कूलों, कॉलेजों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य जगहों पर इस मौके पर राष्ट्रीय तिरंगा लहराया गया .मगर झाँसी के बमोर स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में फटा हुआ झंडा फैराया गया

आम तौर पर देखा गया है कि ऐसे मौकों पर राष्ट्रीय तिरंगे का अपमान होता है.भारत का राष्ट्रीय झंडा, भारत के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिरूप है. यह हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है. इसलिए इसका अनादर करना देश का अपमान करने के बराबर है.

भारतीय ध्वज संहिता-2002 के सभी नियम, ध्वज संहिता-भारत के स्थान पर भारतीय ध्वज संहिता-2002 को 26 जनवरी 2002 से लागू किया गया था. उसके मुताबिक झंडा फहराने का सही तरीका नीचे लिखानुसार है:

राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सही तरीका

* जब भी झंडा फहराया जाए तो उसे सम्मानपूर्ण स्थान दिया जाए. उसे ऐसी जगह लगाया जाए, जहां से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे.

* झंडे को हमेशा स्फूर्ति से फहराया जाए और धीरे-धीरे आदर के साथ उतारा जाए. फहराते और उतारते समय बिगुल बजाया जाता है तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि झंडे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए.

* जब झंडा किसी भवन की खिड़की, बालकनी या अगले हिस्से से आड़ा या तिरछा फहराया जाए तो झंडे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए.

* झंडे का प्रदर्शन सभा मंच पर किया जाता है तो उसे इस प्रकार फहराया जाएगा कि जब वक्ता का मुंह श्रोताओं की ओर हो तो झंडा उनके दाहिने ओर हो.

* झंडा अगर किसी ऐसे अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाता है जो उसके हकदार हैं तो उसे सामने की ओर बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए.

* फटा या मैला झंडा नहीं फहराया जाना चाहिए.

* झंडा केवल राष्ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुका होना चाहिए.

* किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय झंडे से ऊँचा या ऊपर नहीं लगाया जाना चाहिए, न ही उसके बराबर में रखा जाए.

* झंडे पर कुछ भी लिखा या छपा नहीं होना चाहिए.

* जब झंडा फट जाए या मैला हो जाए तो उसे एकांत में पूरा नष्ट किया जाए. सार्वजनिक तौर पर उसे जलाना या फाड़ना कानूनन अपराध है.

* राष्ट्रीय झंडे का आकार आयताकार होगा. झंडे की लंबाई और ऊंचाई (चौड़ाई) का अनुपात 3:2 होगा.

* झंडे पर तीन रंग का समान आकार की पट्टियां होंगी. सबसे ऊपर केसरिया उसके नीचे सफेद और सबसे नीचे हरे रंग की पट्टी होनी चाहिए. बीच में सफेद पट्टी पर बीचोंबीच नीले रंग का 24 तीलियों वाला अशोक चक्र होगा.

* राष्ट्रीय तिरंगा हमेशा हाथ से काटे गए या बुने गए खादी, सूती, सिल्क या ऊनी कपड़े का ही होना चाहिए.

* झंडा जब भी फहराया जाय केसरिया रंग ऊपर होगा. उल्टा झंडा फहराना कानूनन अपराध है.

* सरकारी भवन पर झंडा रविवार और अन्य छुट्‍टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है.20150126_120205