जिला महिला अस्पताल में शॉर्टसर्किट से आग

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बांदा- जिला महिला चिकित्सालय में शार्ट सर्किट से आग लगने से वार्डो में भरे धुएं के चलते नवजात बच्ची की दम घुटने से मौत हो गयी। इसी दौरान मरीजों और तीमारदारों में भगदड़ से आधा दर्जन महिलाएं जख्मी हुईं।

सोमवार दोपहर ओपीडी का समय होने के कारण अस्पताल में मरीजों की भीड़ थी। बिजली आने के कुछ देर बाद अस्पताल के बरामदे में लगे एमसीबी पैनल बॉक्स (मुख्य सप्लाई सर्किट बाक्स) पर लपटे उठना शुरू हो गयीं और अस्पताल में धुएं छा गया। वहां मौजूद चिकित्सीय स्टॉफ जहां अपनी कुर्सियां छोड़कर बाहर भागे। उपचार को आयीं महिलाएं व तीमारदार बाहर की ओर दौड़ पड़े। भगदड़ में कुछ लोग दीवार व आपस में टकराकर गिर पड़े। इससे आधा दर्जन महिलाएं दबकर चोट खा गयीं। सबसे दयनीय स्थिति उन महिलाओं व शिशुओं की रही जो बिस्तर पर लेटे थे। सभी किसी तरह जान बचाकर बाहर भागे। गहरे धुएं से समय पर पर बाहर न निकल पाने में छतरपुर जिले के छिनौती निवासी प्रसूता रानी पत्‍‌नी जयकरन के नवजात बच्ची की दम घुटने से मौत हो गयी। मासूम की सांसें एकाएक तब थमीं जब बच्ची का पिता अफरातफरी के दौरान उसे गोद में लेकर बाहर आ रहा था। बच्ची के पिता जयकरन का कहना है कि 24 घंटे पहले रविवार दोपहर उसकी पत्‍‌नी का अस्पताल में सुरक्षित प्रसव हुआ था। घटना के पहले बच्ची स्वस्थ थी। धुएं का प्रभाव इतना ज्यादा था कि उस समय हाथ को हाथ नहीं दिख रहा था। अफरातफरी के बीच संविदा विद्युतकर्मी और कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल में मौजूद दमकल यंत्र की सहायता से स्थिति पर काबू पाया। सूचना पर दमकल विभाग की गाड़ी भी अस्पताल पहुंची। मुख्य चिकित्साधिकारी एमपी सिंह का इस बारे में कहना है कि शार्ट सर्किट से आग लगी थी। जिसे कुछ देर बाद काबू कर लिया गया। नवजात बच्ची की मौत दम घुटने से नहीं, बीमारी से हुई है।