जालौन में दलितों के बीच कांग्रेस की चौपाल में पत्थर फेंके

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उरई- दलित बस्ती में शुक्रवार की रात कांग्रेसियों की चौपाल के दौरान पत्थर फेंके गये। तनाव के देख कांग्रेस नेता रात्रि विश्राम रद कर वापस चले गये। हालांकि इसे लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं की गयी है।

गांधी जयंती पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज चतुर्वेदी ने कालपी तहसील के सिम्हारा शेखपुर गांव की दलित बस्ती में रात्रि विश्राम की योजना घोषित की थी। इसके तहत कल शाम 7 बजे मनोज चतुर्वेदी, लाल सिंह चौहान, राजेंद्र बाबू, सुरेद्र शुक्ला, अजीत यादव, अयूब अंसारी आदि के साथ गांव पहुंचे जहां कार्यक्रम आयोजक शिवनारायण दोहरे ने अपने घर उनकी अगवानी की। वहीं चौपाल लगायी गयी जिसमें कांग्रेसी नेताओं ने आजादी से लेकर आज तक दलित, निर्बल जातियों के उत्थान के लिए पार्टी की सरकार द्वारा चलायी गयी योजनाओं की जानकारी दी। इसी बीच चौपाल में पत्थर गिरने शुरू हो गये। रुक-रुक कर पत्थर आते रहे जो कहीं किसी के छप्पर पर गिरा तो कहीं चौपाल के बीच। शिवनारायण दोहरे ने माइक पर आकर पत्थर फेंकने वालों को सामने आने के लिये ललकारा जबकि मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि हम आपके दरवाजे पर आपके सुख दुख में साझेदार होने आये है। अगर दरवाजे आने वाले के साथ आपका यही व्यवहार तो हमें यह भी मंजूर है। उधर चौपाल चलती रही। अध्यक्षता भगवानदीन दोहरे व संचालन शिवनारायण दोहरे ने किया। रात 9 बजे चौपाल खत्म होने के बाद कांग्रेसी नेताओं ने शिवनारायण दोहरे के यहां बनी दाल, रोटी और सूखी सब्जी का भोजन पत्तल में बस्ती के लोगों के साथ बैठकर खाया। तनाव को देखते हुये लगभग 10 बजे कांग्रेसी नेता अपने वाहनों से वापस चले गये। गांव के बसपा कार्यकर्ताओं देवेंद्र, पुन्नीलाल, शिवकुमार, रामसेवक आदि ने कहा कि ये नेता हमारे गांव आये है इस कारण हमारे अतिथि है लेकिन कोई दलित इनके बहकावे में नहीं आयेगा। उन्होंने कार्यक्रम को ढोंग करार दिया। उधर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज चतुर्वेदी ने जागरण से कहा कि चंद लोगों ने जो हरकत की उसे हमने नजरअंदाज कर दिया है। हमें इस बात का संतोष है कि 90 प्रतिशत दलित हमारे साथ थे। उन्होंने कहा कि पथराव से किसी का सिर फट सकता था लेकिन गनीमत रही कि एक भी पत्थर किसी को नहीं लगा।

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