जाखलौन रेलवे स्टेशन पर दादर-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव को हरी झण्डी

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ललितपुर- आने वाली 1 तारीख से जाखलौन रेलवे स्टेशन पर दादर-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मंजूरी मिल गयी है। मण्डलीय वाणिज्य प्रबंधक, झासी ने इस ठहराव को हरी झण्डी दिखा दी है। अस्थाई तौर पर अभी यह ठहराव एक माह के लिए ही है। अपेक्षित आमदानी होने पर यह ठहराव स्थाई हो जाएगा।  दो दशकों से ठहराव की माग कर रहे क्षेत्र के लोगों में इस खबर से हर्ष की लहर दौड़ गयी है। एक्सप्रेस रोको संघर्ष समिति ने 1 नवम्बर को ट्रेन का भव्य स्वागत करने का निर्णय लिया है।

पाली व जाखलौन क्षेत्र अपनी विशिष्टताओं के लिए जाना जाता है। कस्बा पाली में चंदेलकालीन राजाओं द्वारा 9-10 वीं सदी में निर्मित विश्व प्रसिद्ध नील कण्ठेश्वर मन्दिर है। वहीं यहा से सटे स्थानों में भी दूधई, नृसिंह, पनया, चुअन जैसे दर्शनीय व पर्यटक स्थल है। दूधई पुरातत्व महत्व की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है तो नृसिंह नामक स्थान पर पहाड में ही निर्मित करीब 60 फीट ऊंची हिरण्यकश्यप का वध करते हुए भगवान नृसिंह की विशालकाय भव्य प्रतिमा है। घने जंगलों में स्थित यह स्थान अत्यंत रमणीक है। कस्बे के ही नजदीक आयुर्वेद के जनक च्यवन ऋषि का आश्रम है। यह वही ऋषि थे जिन्होंने च्यवनप्रास की खोज की थी। यह पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यह स्थान अब चुअन के नाम से जाना जाता है।

जाखलौन क्षेत्र में सैण्ड स्टोन व इमारती पत्थरों की खान माना जाता है। यही नहीं देवगढ़, चादपुर, जहाजपुर, दशावतार मन्दिर, रणछोर धाम जैसे दर्शनीय व पर्यटन स्थल है। ग्राम बंदरगुढ़ा में बीच बेतवा नदी में स्थित पम्प कैनाल व वहा का नजारा यहा आने वाले पर्यटकों की सारी थकान हर लेता है। देवगढ़ गुप्त कालीन स्थापत्य व मूर्तिकला का केन्द्र माना जाता है। यहा पत्थरों को इतने करीने से मूर्ति का रूप दिया गया है कि जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे ये बेजान मूर्तिया अभी बोल पडें़गी। यहा की बारीक नक्कासी देखकर सहसा विशवस ही नहीं होता। यहा का दशावतार मन्दिर भी अपनी विशिष्टताओं के कारण दूर-दूर तक विख्यात है। इन सब को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए एकमात्र रेलवे स्टेशन जाखलौन है। जहा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की माग पिछले दो दशकों से की जा रही थी। एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने से लोगों को भारी परेशानी होती थी। एक्सप्रेस रोको संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश कौंते व किसान मंच के जिलाध्यक्ष सुरेश टोंटे के नेतृत्व में युवा व क्षेत्र के सैकड़ों लोग संघर्ष कर रहे थे। यह माग कब एक आदोलन में बदल गयी इसका पता ही नहीं चला।

एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव के लिए लगातार धरना प्रदर्शन भी होते रहे। कई बार तो युवा पटरियों पर भी लेट गये व रेल को रोकने का प्रयास किया। अंतत: क्षेत्रीय लोगों की माग को जायज ठहराते हुए मण्डलीय वाणिज्य प्रबन्धक ने जाखलौन रेलवे स्टेशन पर दादर-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव को हरी झण्डी दे दी है। यह ट्रेन 1 नवम्बर से स्टेशन पर केवल एक माह के लिए ही अस्थायी तौर पर रुकेगी। इस दौरान अच्छी आमदनी होने पर रेलवे इस हाल्ट को स्थायी कर देगा। दो मिनट के लिए हो रहे इस ट्रेन के ठहराव से क्षेत्रवासियों में हर्ष की लहर दौड़ गयी है। क्षेत्रवासियों ने रेलवे अधिकारियों के अलावा उप जिलाधिकारी सदर पी.के.श्रीवास्तव व क्षेत्राधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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