जनसंख्या वृद्धि मे नियंत्रण जरूरी-जिलाधिकारी

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महोबा- बढ़ती जनसंख्या से लगातार संसाधनों में कमी हो रही है। अगर इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसके परिणाम खतरनाक होंगे। समाज को एकजुट हो इसके समाधान के लिए आगे आना होगा। यह विचार विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने व्यक्त किये।

विकास भवन में आयोजित संवेदी करण कार्यशाला में बोलते हुए डीएम वी वी पंत ने कहा जनसंख्या वृद्धि से प्रति व्यक्ति आय घटी है। मृत्यु दर घटी है व शिशु जन्म दर बढ़ी है। जिससे जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समाज को इस पर नियंत्रण को जागरूक होना होगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जय सिंह ने कहा कि विश्व में जनसंख्या वृद्धि में भारत का दूसरा नंबर है। विश्व का हर छठवां बच्चा भारतीय है। भारत का हर छठवां बच्चा उत्तर प्रदेश का है। कहा कि जननी सुरक्षा योजना चला सरकार मातृ व शिशु मृत्यु दर कम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया विश्व की छह अरब की आबादी में एक अरब दस करोड़ सिर्फ भारत की है। जनसंख्या वृद्धि से उत्पादन कम हो रहा है। लोग कृषि भूमि में भी मकान बना रहे हैं। वृक्षों व जंगलों के कटान से पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर के कुरील ने जनसंख्या नियंत्रण के उपायों पर जानकारी दी। कहा स्थाई विधि में पुरुष, महिला नसबंदी कराकर व अस्थाई विधि में कापर टी, निरोध व गर्भ निरोधक गोलियां ले जनसंख्या नियंत्रण पर लगाम लगायी जा सकती है। डा. लाखन सिंह ने बताया अगर अभी से इस ओर प्रयास किये गये तो 2050 तक जाकर जनसंख्या स्थिर हो पायेगी। ममता अहिरवार ने जनसंख्या के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। डा. ज्ञानेश अवस्थी, दाऊ तिवारी, देवेंद्र शुक्ला, नवीन कुमार समेत एक दर्जन वक्ताओं ने संबोधित किया।

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