चिल्ला पुल टूटा, कानपुर यात्रा होगी टेढ़ी

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बांदा-जुलाई माह की पहली तारीख से चिल्ला पान्टून पुल तोड़े जाने का काम शुरू हो गया है।  जनपद में नदियों पर तीन पान्टून पुल बने हैं। इनमें केन नदी पर चिल्ला पान्टून पुल, यमुना नदी पर बारा-गलौली और औगासी में आवाजाही के लिए पान्टून पुल बनाये गये हैं। प्रत्येक वर्ष जून की पहली तारीख को इन पुलों को तोड़ दिया जाता था क्योंकि बारिश हो जाने से नदियों का जल स्तर बढ़ने लगता था। मगर इस वर्ष पूरे जून माह में सूखे की स्थिति होने के कारण यह पुल लगातार चलते रहे। हाल ही में हुयी मामूली बारिश को ध्यान में रखकर पीडब्लूडी विभाग ने चिल्ला पान्टून पुल को तोड़े जाने का काम शुरू कर दिया है जो दो-तीन दिन में पूरा कर लिया जायेगा। हालांकि काम शुरू होते ही पुल पर यातायात बाधित हो गया। इस तरह चिल्ला घाट से कानपुर की यात्रा ठप होने से यात्रियों को कुल 22 किमी. का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा।  बांदा से कानपुर की दूरी चिल्ला होते हुए 128 किमी. है और तिंदवारी की तरफ से घूम कर जाने में 150 किमी. है।  पीडब्लूडी निर्माण खंड दो के अधिशाषी अभियंता दिलीप कुमार गुप्ता के अनुसार चिल्ला घाट में पीपे ठीहे छोड़ने लगे थे इसलिए पुल तोड़े जाने का काम बुधवार से शुरू कर दिया गया है।

औगासी पान्टून पुल पर आवागमन जारी है। पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता हरदयाल अहिरवार ने बताया कि बारिश न होने से यमुना नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी नही हुयी वहां पीपे रेत के ठीहों पर रखे हुये हैं इसलिए जब तक अधिक बारिश नही होती पुल पर आवागमन चालू रहेगा।