चमत्कार-सिद्धियों को मुटठी में बांध कर नचाया गया

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मऊरानीपुर-  आध्यात्मिक विज्ञान का अलौकिक चमत्कार हुआ। कुरान, हदीश, बाइबिल, गीता, रामायण, वेद-पुराण की भविष्यवाणी का विश्व हित में सांयकालीन 6 बजकर 50 मिनट से 7 बजकर 5 मिनट तक 15 मिनट का मौन साधना के रूप में प्रगटीकरण हुआ। रेडियो, टेलीविजन भंाति परमात्मा स्वयं मनुष्य के शरीर से प्रकट होकर कैसे बोलता है। इसका सम्पूर्ण भेद खोल दिया है। भारत वर्ष के 42 प्रान्तों के बलिदानी मौन साधना प्रभारियों ने सर्वसिद्व मौन साधना के वार्षिक महासम्मेलन में पधारकर सभी सिद्वियों को मुट्ठी में बांध कर नचाया।
ठीक 10 बजे दिन से अनगिनत शंखध्वनियों के सम्मोहित कर देने वाली वज्रघोष ने सम्पूर्ण नगर को एकता के दिव्य सूत्र में बांध दिया। कोलकाता के महात्मा योगेश जी योगेश्वर महाराज ने 6 बजकर 50 मिनट की मौन साधना का विराट रूप प्रकट किया। छत्तीसगढ प्रान्त प्रभारी मौनयोगी मीरा वियोगी ने ठीक समय की मौन साधना द्वारा सम्पूर्ण विश्व में 92 लाख से अधिक मौन साधकों का एक प्रण-एक रूप करने का आत्मरूप प्रकट किया।
पटना के डाॅ. एम.पी. ज्ञानी ने निश्चित समय पर प्राण एक-सांस एक-मंत्र एक-ध्यान, एक- आसन, प्रार्थना सबकी एक इन सबकी विलक्षण योगिक एकता का ऐसा विराट आध्यात्मिक रूप प्रकट किया। जहां सभी धर्म सिद्वान्त-पार्टियां, सबका प्राण एक हो गया। विहार प्रभारी हाफिज रहमान साहब, मुकर्रर वक्त की मौन साधना में सबका एक रूप हर समस्या का समाधान करने लगे।
दिल्ली, जिला प्रचारकों ने मौन साधना अजमेर शरीक, यूपी, एमपी, के 135 जिला प्रचारकों ने मौनसाधना महायोग चिकित्सा प्रणाली द्वारा असाध्य शारीरिक, मानसिक रोगियों को रोग मुक्त करने का सामूहिक विशिष्ट शिविर अलग से लगाया। ईसाई धर्म के राष्ट्रीय प्रचारक बी. दास, आर टी ओ साहब ने सर्वधर्म एकता के समर्थन में जीवन पर्यन्त सपरिवार मौनसाधना करने का संकल्प लिया।
महुआ-नेपाल मौन प्रभारी अनंतरूप सत्यनारायण समर्पित ने सम्पूर्ण नेपाल में मौनसाधना के प्रचार का संकल्प लिया। उज्जैन के राष्ट्रीय प्रभारी आत्मदर्शी डाॅ. वियोगी सुनीत जी ने ग्रेट ब्रिटेन, अमेरिका, श्रीलंका, नेपाल, मारीसस तथा फ्रांस मे मौन साधना के 49 संचालक नये राष्ट्रीय प्रचार केन्द्र खुलने की सूची सौंपी।
स्थानीय संचालक वियोगी वेदजी ने 2138 सक्रिय मौन साधना केन्द्रों की विवरण पुस्तिका का लोकार्पण किया। ग्वालियर के डाॅ. सर्वेश जी अखण्ड ने मौन साधना के पद रहित धन रहित विलक्षण कार्यक्रम की विराट विश्व व्यापकता पर आश्चर्य प्रकट करते हुये बताया कि यह सब मौन साधना के सत्य के अनुशासन, विनम्रता, समर्पण, श्रद्वा और त्याग से ही सम्भव हो रहा है। गीत, संगीत, कवितायें, भजन, प्रवचन, शास्त्रार्थ, योगसिद्वि, आध्यात्मिक सत्य के प्रश्नोत्तर आदि कार्यक्रम अपार भीड को अपने सम्मोहन में लगातार बांधे रहे। आत्मा से परमात्मा के साक्षत्कार का यह दिव्य कार्यक्रम लगातार 48 घण्टे चलता रहा। सम्पूर्ण नगरवासियों का इसमें महान योगदान प्रेरणादायक रहा।

Vikas Sharma
Editor
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