घी खाइये जांच परखकर !

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महोबा- जिसे आप स्वास्थ्य बनाने के लिए खा रहे हैं वह देशी घी सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है। खरीदने से पूर्व जांच लें कि इसमें चर्बी या हानिकारक रसायन तो नहीं मिलाया गया।

मुख्यालय में नकली ब्रांडेड घी धड़ल्ले से बेंचा जा रहा है। जिसका प्रयोग कर नागरिक संक्रामक एवं पेट की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। खाद्य निरीक्षक मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के स्थान पर महज सैंपल भरकर खानापूरी कर रहे हैं। जिससे मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है। मुख्यालय के स्थानों से प्रसिद्ध ब्रांडों के नाम से नकली एवं चर्बी युक्त घी की धड़ल्ले से बिक्री कर मानव जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा हरा है। सूत्रों का कहना है कि खाद्य निरीक्षक द्वारा डेयरी संचालकों, नकली घी व मिलावटी दूध विक्रेताओं से सुविधा शुल्क लिए जाने से इस पर रोक नहीं लग पा रही। जबकि खाद्य निरीक्षक एमडी गुप्ता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मिलावटी खाद्य वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए छापामार कर सैंपल भरने की कार्रवाई की गई है। सजा देना न्यायालय का काम है।
डा. आरपी मिश्रा कहते हैं मिलावटी घी से पाचन क्रिया पर बुरा बसर पड़ता है। इसका प्रयोग करने से शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ जाती है। साथ ही दिल से सम्बन्धित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि दूध, दही और घी का प्रयोग अवश्य करें। लेकिन इसके पूर्व यह जांच लें कि इसमें किसी प्रकार के हानिकारक रसायन या चर्बी की मिलावट तो नहीं की गयी।