ग्रामीण प्रबंधन का देश के लिए माडल है ग्रामोदय विश्वविद्यालय

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विदेशी प्रशिक्षणार्थियों का दल आया भ्रमण में

महात्मा गांधी चित्राकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की गतिविधियों को जानने व समझने के लिए 25 देशों के प्रशिक्षणार्थियों का एक दल इन दिनों चित्राकूट आया हुआ है। ग्रामोदय परिवार ने रविवार को इन विदेशी छात्राों की जिज्ञासाएं शान्त करने के लिए एक कार्यक्रम के माध्यम से सभी जानकारियां दी। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासनिक विश्व विद्यालय नई दिल्ली द्वारा संचालित इंटरनेशनल डिप्लोमा इन एजूकेशन एवं संकाय के विद्यार्थियों का यह दल राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान इलाहाबाद के संयोजकत्व में यहां आया है।
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कार्यक्रम में नूपा नई दिल्ली के वरिष्ठ प्रोफेसर हरिकेश सिंह ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय को ग्रामीण विकास का देश के लिए माडल बताया। इस अवसर पर कला संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर शिवराज सिंह सेंगेर ने बताया कि यह विश्वविद्यालय ग्रामीण विकास के विशिष्ट उद्देश्य को लेकर स्थापित कियाा गया है। यह विश्वविद्यालय रेगुलर, प्राइवेट और डिस्टेंस एजूकेशन माध्यम से परंपरागत और प्रोफेसलन पाठ्यक्रमों को संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, मानवीय मूल्य, सामाजिक संपर्क और ग्रामीण विकास ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पाठ्क्रमों की विशेषताएं हैं जिन्हें किसी भी देश के विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि विवि के कुलपति प्रो. ज्ञानेन्द्र सिंह के अथक प्रयासों से इस विवि ने कनाडा और अमरीका के विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक अनुबंध भी किए हैं। गुणवत्ता और पारदर्शिता से क्रेडिटबेस सेमेस्टर युक्त शिक्षा प्रणाली स्थापना काल से अपन रखी है। सामाजिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. सिद्धार्थ शर्मा ने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय व्यक्तित्व विकास एवं मानवीय मूल्यों के लिए अनेक नवाचार कर रहा है। नूपा नई दिल्ली की प्रोफेसर सुनीता चुक ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के ग्रामीण विकास के प्रयासों को सराहा। वहीं डा. वीपीएस राजू ने इस विश्वविद्यालय की गतिविधियों की सराहना की । सीमेट इलाहाबाद की डा. कीर्ती गौतम ने चित्राकूट के प्राकृतिक विकास संरक्षण की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस क्षेत्रा में ग्रामोदय विश्वविद्यालय का योगदान सराहनीय है। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. ललित सिंह, उप कुलसचिव डा. कुसुम सिंह, सीमेट इलाहाबाद के डा. अमित खन्ना, डा. शैलेन्द्र तिवारी, बीएसए डा. रमेश तिवारी, प्राध्यापिका डा. सरोज गुप्ता सहित अन्य संस्थाओं के शिक्षक व अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. सिद्धार्थ शर्मा ने किया जबकि  धन्यवाद ज्ञापन डा. कुसुम सिंह ने किया। बता दें कि अफगानिस्तान, बोत्सवाना, क्यूबा, इथोपिया, फिजी, घाना, गुयाना, ईराक, जमैका, कजाखिस्तान, मालदीव, मंगोलिया, नामीबिया, गिनी, रसियन, फेडरेशन, सेनेगल, श्रीलंका, सूडाल, तंजानिया, वियतनाम सहित लगभग 25 देशों के प्रशिक्षणार्थी यहां आए हुए हैं।