ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ चार संविदा चिकित्सकों

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सागर- जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ चार संविदा चिकित्सकों को लगातार गैरहाजिर रहने पर पद से पृथक कर दिया गया। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई बैठक में आईजी अन्वेष मंगलम ने चिकित्सकों से कहा कि एमएलसी अथवा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट देते समय उन पर हस्ताक्षर के साथ नाम व पद जरूर लिखें। एमएलसी कराने अथवा एक्सीडेंट संबंधी मामलों में पुलिस विभाग द्वारा एम्बुलेंस का उपयोग किया जाता है तो उसका खर्च संबंधित स्वास्थ्य संस्था को उठाना चाहिए।

श्री मंगलम ने मेडिकल और पुलिस मेनुअल का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि सामान्यतया पोस्टमार्टम का समय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक ही निर्धारित है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में डीएम या पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर निर्धारित समय के बाद भी पोस्टमार्टम करना जरूरी है।

स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर हीरालाल त्रिवेदी ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों पदस्थ चार संविदा चिकित्सकों को लंबे समय से गैरहाजिर रहने पर उन्हें सेवा से अलग करने के निर्देश दिए। हटाए गए चिकित्सकों में ग्राम रौड़ा में पदस्थ डॉ. नीरज श्रीवास्तव, सहजपुर के डॉ. अनिकांत जैन, महाराजपुर के डॉ. मनीष बिल्थरे और ग्राम पीपरा में पदस्थडॉ. संदीप खटीक शामिल हैं।

संस्थागत प्रसव की प्रगति की समीक्षा करते हुए दौरान कलेक्टर ने 31 अगस्त के बाद जननी सुरक्षा योजना में हितग्राही प्रसूति और प्रेरक को तुरंत चेक का वितरण करने, प्रत्येक ग्राम में गठित स्वास्थ्य समिति को पांच-पांच हजार रुपए की राशि आवंटित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. एसएम सिरोठिया को मलेरिया रोधक दवाई का छिड़काव होने वाले 137 ग्रामों के लिए पहले से नार्म्स तय करने और बीएमओ को ग्राम स्वास्थ्य समिति के बैंक खाते की जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कुपोषित मुक्ति के लिए जिले में संचालित बाल संजीवनी कार्यक्रम के तहत महिला एवं बाल विकास की परियोजना अधिकारियों को अपने क्षेत्र के कम से कम 5 अति कुपोषित बच्चे को अस्पताल में हर माह भर्ती कराकर इलाज कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने बाल विकास परियोजना मालथौन की परियोजना अधिकारी का अवकाश निरस्त करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाही प्रस्तावित करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए। उन्होंने बीएमओ से कहा कि यदि उनके अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थाओं में वजन मशीन उपलब्ध नहीं है तो वे रोगी कल्याण समिति की राशि से खरीद सकते हैं। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. गोदरे को संस्थाओं में चिकित्सकों व स्टाफ की कमी की जानकारी तैयार करने को कहा है।