गांव में नियमित रूप से ऐसे विकास कार्य होते रहना चाहिए

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बांदा- मंगलवार को जिलाधिकारी रंजन कुमार ने नरेगा कार्यशाला में निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में नरेगा योजनान्तर्गत 11 परियोजनाओं के माध्यम से विकास कार्य सुनिश्चित कराये जायें। हर गांव में नियमित रूप से ऐसे विकास कार्य होते रहना चाहिए जिसमें कम से कम 50 मजदूरों को प्रतिदिन काम मिल सके।

बड़ोखरखुर्द विकासखंड में आयोजित कार्यशाला में ग्राम प्रधान रोजगार सेवक व सचिवों की बैठक में श्री कुमार ने कहा कि सूखे को देखते हुए विकास कार्य तीव्र गति से करायें जिससे गांवों का विकास हो व मजदूरों का पलायन रुके। उन्होंने कहा कि 11 परियोजनाओं के अंतर्गत गांवों में बंजर पड़ी जमीनों में वनीकरण, उद्यानीकरण, सिंचाई समृद्धि, भूमि सुधार, जल संग्रहण क्षेत्र प्रबंधन परियोजना, जल संचयन व प्रबंधन के अंतर्गत विकास कार्य कराये जायें इसमें प्रत्येक गांव में एक माडल तालाब स्थापित किया जाये। नये तालाबों का निर्माण व पुराने तालाबों को गहरा किया जाये। ग्रामीण आजीविका स्पष्टीकरण व पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। रेशम परियोजना अन्तर्गत रेशम कीट पालन व निर्माण, मत्स्य पालन व जीवन ज्योति योजना अंतर्गत जेट्रोफा के उत्पादन पर बल दिया। औषधीय कृषि करायी जाये। उन्होंने कहा कि जाब कार्ड बनवाकर जो मजदूर मजदूरी नही कर रहे उनके कार्ड निरस्त करें। कई ग्राम प्रधानों ने कहा कि झूठी शिकायतों के आधार पर कार्रवाई हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह गलत है। शिकायत मिलने पर जिलास्तरीय व तकनीकी अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद ही दोषी पाये जाने पर कार्रवाई होती है। जिलाधिकारी ने कार्यशाला में अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिये है।

इस मौके पर मत्स्य पालन, भूमि संरक्षण, कृषि विभाग, उद्यान विभाग के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।