गांवों में जाकर लिया सूखे का जायजा

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कुलपहाड़- तीन सदस्यीय केंद्रीय जांच दल ने शुक्रवार को जिले के आधा दर्जन गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर सूखे से उत्पन्न हालातों का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से तंगहाली व सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने नरेगा में काम न मिलने की शिकायत की।

कृषि विभाग में उपायुक्त राकेश तिवारी, डी कुमार व डीए मिश्रा के तीन सदस्यीय जांच दल ने शुक्रवार सुबह कमालपुरा पहुंचकर सूखे का अध्ययन किया। जांच दल ने माना कि जिले में सूखा की स्थिति भयावह रही है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट केंद्र को देने की बात कही। गांव के नरेश राजपूत ने जांच दल को बताया कि इसी गांव में ही नहीं बल्कि क्षेत्र के अन्य गांवों में भी हालात काफी विकट हैं। लोग रोजी की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। जांच दल यहां केवल पन्द्रह मिनट रुका। टीम ने बुंदेलखंड में सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने की जरूरत बताया। इसके पूर्व इस जांच दल ने बिलवई गांव में भूमि संरक्षण तथा सामुदायिक कूप योजना के तहत कराये गये विभिन्न कार्यो की गुणवत्ता देखी। गुगौरा गांव में नरेगा के तहत बनवाये जा रहे संपर्क मार्ग का कार्य देखने के साथ ही श्रमिकों से मजदूरी के संबंध में पूछताछ की। सूपा में उन्होंने आधा दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों से कृषि के बारे में पूछा। यहां दो वर्ष पूर्व तंगहाली से जूझते तीन किसानों ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने गांव में नरेगा के तहत कराये गये कार्यो का जायजा भी लिया। खास बात रही कि तमाम खामियां पाने के बाद भी उन्होंने किसी अधिकारी से कोई टिप्पणी नहीं की। मीडिया के पूछने पर कहा कि वह जो भी देख रहे हैं उसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देंगे। कुछ दिन इंतजार करें परिणाम सामने आ जायेंगे।

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