गांवों के संपन्न व संभ्रान्त लोगों को आतंकित कर मंगाता था दैनिक उपयोग का सामान

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फरमान जारी कर तेन्दू पत्ता मजदूरों की एक दिन की मजदूरी पहुंचाने की दी थी चेतावनी

पाठा इलाके में रहने वाले संपन्न व संभा्रन्त लोगों से जबरन दैनिक उपयोग की वस्तुएं लेने वाला छुटभैया बदमाश बड़े गैंगों के मारे जाने के बाद से अपने आतंक के बल पर सरकारी कामों में भी दखलन्दाजी देने लगा था। जिसके चलते विकास कार्य में लगे लोगों को डरा धमका कर चौथ वसूलने और मिलने पर काम बन्द करने की चेतावनी देने के साथ ही काम करवा रहे लोगों के साथ-साथ मारपीट भी करने लगा था। पूरे क्षेत्रा में अपने आतंक से लोगों में दहशत फैलाने के कारण राजा खान लगातार पुलिस की आंख की किरकिरी बनता जा रहा था।

सूत्राों की माने तो डी 14 गैंग के लीडर बन चुके राजा खान उर्फ ओम प्रकाश ने सबसे पहले बरगढ़ थाना क्षेत्रा के बांध में काम करा रहे ठेकेदार के आदमी की दोनाली बन्दूक छीनते हुए अपने आपराधिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद से लगातार वह वारदातों को अंजाम देने में जुट गया। सूत्रा बताते हैंं कि क्षेत्रा के ठेकेदारों, प्रधानों को भयभीत कर दैनिक उपयोग की सामाग्री की मांग करना और उनसे कमीशन वसूली करना तो उसकी आदत में शुमार हो चुका था। राजा खान ने 20 अक्टूबर 09 को मारकुण्डी थाना क्षेत्रा के कुसमी संपर्क मार्ग में काम करवा रहे ठेकेदार के मुनीम पदुम त्रिापाठी का दिन दहाड़े गाली गलौज करते हुए अपहरण कर लिया था। इसके अलावा इटवां से मिचकुरिन तक प्रधान मन्त्राी ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाले संपर्क मार्ग का काम करवा रहे बिहार के ठेकेदार के लोगों को गाली गलौज एवं मारपीट करते हुए कमीशन मांगा था और चेतावनी दी थी कि बिना कमीशन दिए काम करने का बुरा अंजाम होगा। अपनी इस वारदात को अंजाम देने के बाद वह पाठा क्षेत्रा में आतंक का पर्याय बन गया था। जिसके ठिकाने लगाने के लिए पुलिस ने कई बार जंगलों की खाक छानते हुए उसकी घेराबन्दी की लेकिन हर बार वह बच गया। सूत्रा बताते हैं कि इधर गर्मी की शुरुआत होते ही तेन्दूपत्ता तोड़ान में वसूली के लिए भी वननिगम के फड़मुंशियों को चेतावनी देते हुए मजदूरों की एक दिन की मजदूरी काट कर उसे देने का फरमान जारी कर दिया था।  लोग बताते हैं कि दोनों प्रदेशों की पुलिस की ओर से 60 हजार के ईनामी दस्यु राजा खान उर्फ ओमप्रकाश का आतंक बरगढ़ थाना क्षेत्रा से लेकर मानिकपुर थाना क्षेत्रा के मऊ गुरदरी, ऊंचाडीह, सकरौहां, चमरौहां, रानीपुर, गिदुरहा, निही चरैया, मारकुण्डी थाना क्षेत्रा के करौहां, जारोमाफी, छेरिहा खुर्द, डोडा माफी, अमचुर नेरुआ, बंबिहा, इटवां-डुडैला एवं मध्य प्रदेश के मझगंवा, बरौंधा आदि थाना क्षेत्राों में था। लोग बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के थाना क्षेत्राों में वारदात को अंजाम देने के बाद जंगल से सटे मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश कर अपनी जान बचा लेता था। और मध्यप्रदेश के थाना क्ष्ेात्राों में घटनाएं करने के बाद उत्तर प्रदेश की सीमा में आकर अपनी शरण स्थली में दम भरता था। 

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