खेत में बोया गया सरकारी बीज फलीभूत न होने के कारण फांसी से लटके

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ललितपुर। कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत ग्राम कल्यानपुरा में आज एक किसान की लाश जामुन के पेड़ पर फांसी से लटके मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने जो आरोप लगाये वह तो और भी सनसनीखेज है। उनका कहना है कि खेत में बोया गया सरकारी बीज फलीभूत न होने के कारण वह पूरी तरह बबाZद हो गया था, जिससे क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की खबर से राजनैतिक दलों में हलचल मच गई है और उन्होंने प्रदेश सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

ग्राम कल्यानपुरा निवासी गोविन्द सिंह परिहार का 19 वषीZय पुत्र कल्लू चार भाइयों में दूसरे नम्बर का था, लेकिन उसके जिम्मे पूरी खेतीबाड़ी थी। उसके पिता की 5 वर्ष पूर्व पुरानी रजिश के चलते हत्या कर दी गई थी। पिता की मौत के बाद वह किसी तरह खेती किसानी कर रहा था, लेकिन हर साल खेती उसके लिए घाटे का सौदा साबित हो रही थी। इस साल भी उसने एग्रो से उर्द का बीज खरीद कर अपने खेत में बोया था। खेत में फसल तो लहलहायी उसमें फलफूल नहीं आये। इस वजह से वह काफी परेशान रहता था, क्योंकि खेत तैयार करने से लेकर बुआई तक उसने काफी पैसा बैंक व साहूकार से कर्ज पर ले लिया था। कल दोपहर वह खेत पर गया और उसके बाद घर वापस लौट कर नहीं आया। देर रात तक जब कल्लू घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान उन्हें पता चला कि कल्लू खेत की तरफ रस्सी लेकर जाते देखा गया। परिजन जब खेत पर पहुंचे तो वहां उन्होंने उसकी लाश जामुन के पेड़ पर फांसी से लटकी देखी।

पुलिस का घटना के सम्बन्ध में कहना है कि मृतक के पास करीब चार एकड़ जमीन है, जिस पर उसने उड़द की फसल बोयी थी जो बबाZद हो गई, लेकिन उसकी मौत के पीछे एक कारण नहीं बल्कि पारिवारिक कलह भी वजह सामने आयी है।

इधर, मृतक के परिजनों ने जिलाधिकारी को नकली बीज की वजह से कल्लू के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना देते हुए बताया कि वही अपने भाई-बहनों व मां के भरण पोषण का एकमात्र सहारा था। सरकारी एग्रो गोदाम से बीज लेकर चार एकड़ भूमि में उर्द की फसल बोयी थी। जिसमें एक भी दाना नहीं आया। फसल तैयार करने के लिए उसने बैंक व साहूकार से कर्जा लिया था। पहले से ही वह कर्जे में था। इस बार पूरी तरह से फसल बबाZद हो जाने के कारण उसे चिन्ता खायी जा रही थी कि अब कहां से कर्जा पट पाएगा और इसी बात से परेशान होकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने घटना की जांच कर उचित मुआवजा दिलाये जाने की मांग की है। मृतक अविवाहित था। उन्होंने —षि अधिकारी को भी इसकी प्रति सौंपी है। इस दौरान गांव के ही चित्तर सिंह, नरेश पाठक, कामता प्रसाद, दुष्यन्त, लाखन सिंह, मलखान सिंह आदि मौजूद थे।

उर्द की फसल चौपट होने के कारण किसान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किये जाने से जिले की राजनीति गरमा गई है। भाजपा, सपा व भारतीय किसान यूनियन ने इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर किसान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए किसानों को मुआवजा दिये जाने की मांग की है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौबे का कहना है कि उड़द की फसल ने किसानों को बबाZद कर दिया है। इधर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने भी किसान की मौत पर दुख व्यक्त कर शासन प्रशासन से उड़द की नष्ट हुई फसल के ऐवज में क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com