खजुराहो के मंदिरों के विकास पर ब्रेक

0
305

खजुराहो-मंदिरों का विकास करने 410 करोड़ रुपए की लागत से एएसआई ने योजना तैयार की थी। इस योजना के तहत मंदिरों का मुख्य द्वार शिवसागर तालाब के पास बनना था। वहां से पर्यटक बैटरी चलित बाइक, वोट या पैदल मंदिरों में प्रवेश कर सकते थे। इसमें मेलाग्राउंड के समीप एक पार्किग स्थल भी बनना था।योजना का पूरा ले आउट एएसआई ने तैयार कर लिया था।

निर्माण एजेंसी सीपीडब्लूडी ने योजना पर काम शुरू कर दिया था। जब निर्माण एजेंसी ने पार्किग स्थल का ले-आउट एएसआई से मांगा तो एएसआई ने जमीन के लिए नगरपंचायत से बात की लेकिन पंचायत ने जनहित का हवाला देते हुए जमीन देने से इंकार कर दिया।

इस मुद्दे को लेकर एएसआई के डीजी केएन श्रीवास्तव ने खजुराहो का दौरा किया और सभी स्थलों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने सीपीडब्लूडी को एक महीने के अंदर दोबारा इस योजना को रिडिजाइन करके प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीजी ने कुछ प्वाइंट निर्माण एजेंसी के समक्ष रखे हैं। उनके अनुसार मुख्य गेट के पास एक चेकपोस्ट होगा जहां पर्यटकों के वाहनों को टोकन दिए जाएंगे। यहां से पर्यटक प्रस्तावित डबल लाइन सड़क से होकर टी जंक्शन पर पहुंचेगे और यहां पर्यटकों के वाहन पार्क होंगे।

यहां विजीटर सेंटर बनेगा जहां बुकिंग काउंटर, शॉप आदि बनेंगी। चौसठ योगिनी मंदिर के पास बनने वाले इस जंक्शन से पर्यटक पैदल मंदिरों के अंदर प्रवेश करेंगे। बुकिंग काउंटर चौसठ योगिनी मंदिर के पास बनने से मंदिर तक जाने की दूरी कम हो जाएगी, इससे बैटरी चलित वाहन की योजना खत्म कर दी जाएगी। पश्चिमी मंदिर समूह का नया द्वार कंदारिया मंदिर के पास बनेगा।

इसके अलावा एक सिक्युरिटी प्लाजा भी बनाया जाएगा जहां आटोमैटिक चैकिंग मशीन सुरक्षा का काम करेगी। एएसआई सहायक अधीक्षक ओडी शुक्ला ने बताया कि विकास योजना को बदलने का सबसे बड़ा कारण पार्किग के लिए जमीन न मिलना है। उन्होंने बताया कि शिवसागर तालाब के चौसठ योगिनी मंदिर को जोड़ने वाले बंधान रोड को टू लेन कांक्रीट किया जाएगा इसके किनारे पाथ वे बनाया जाएगा।