क्षेत्र के सरपंचों पर गिर सकती है गाज

0
143

सागर- महज दो वर्षो के दौरान जिले के 96 सरपंच अपनी मनमानी, लापरवाही, बेतुके निर्णय और आथिर्क अनियमितता के कारण पंचायतराज की धारा 40 के दायरे में आए हैं। इस धारा के तहत दोषी सरपंच को पद से अलग करने का प्रावधान है। इसके अलावा उन पर छह साल तक चुनाव न लड़ पाने का खतरा मंडरा रहा है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट से मौजूदा सरपंच ही नहीं पूर्व सरपंच भी एक बार फिर चुनाव लड़ने की तैयारी में लग गए हैं। धारा 40 के फेर में पड़े सरपंच चुनाव अधिसूचना जारी होने के पहले एसडीएम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा इनकी नजर पंचायतों के आरक्षण पर लगी है। अधिकतर सरपंच आर्थिक अनियमितता के चलते इस धारा के फेर में आए हैं। यह गड़बड़ी पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यो के दौरान हुई थी। पंचों की शिकायत के आधार एसडीएम कोर्ट में सरंपचों के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं।

धारा 40 के सबसे ज्यादा मामले सागर और राहतगढ़ जनपद क्षेत्र की ग्रामपंचायतों के सरपंचों पर चल रहे हैं। वर्ष 2007 से 09 के बीच सागर जनपद के 28 एवं राहतगढ़ जनपद के 21 सरपंचों पर धारा 40 के प्रकरण दर्ज किए गए।

इन्हीं दो वर्षो के दौरान रहली क्षेत्र के 13 और जैसीनगर क्षेत्र के 10 सरपंच के विरुद्ध पंचायतराज की इसी धारा के तहत मामले बने। जिला पंचायत स्थित पंचायत सेल के अनुसार पिछले दो वर्र्षो में एसडीएम कोर्ट ने धारा 40 के मामले सरपंचों के खिलाफ बनाए हैं।

42 मामले कोर्ट में लंबित हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत हुए निर्माण कार्यो में की गई लापरवाही के मामले इनसे हटकर हैं। नरेगा में मजदूरों के बजाए मशीनों से काम कराए जाने की शिकायत सबसे अधिक हैं।