कैम्प में किसानों को करोड़ों के ऋण व क्रेडिट कार्ड वितरित किए गये

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मेगा कृषि ऋण वितरण कैम्प का आयोजन उप जिलाधिकारी बी. राम की अध्यक्षता में विकास खण्ड सभागार में किया गया। जिसमें लगभग 2000 किसानों को 7.5 करोड़ के ऋण वितरित किये गये।

प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र की 5 पीएनबी शाखाओं के 781 कृषकों को 5,24,77,000 रूपये स्वीकृत हुये। इनमें से शिविर में 655 किसानों को 4,67,93,000 रूपये के क्रेडिट कार्ड वितरित किये गये। इसी क्रम में स्टेट बैंक की एक शाखा के 94 कृषकों को 88,80,000 रूपये स्वीकृत हुये। इन सभी को शिविर में ही क्रेडिट कार्ड वितरित कर दिया गया। क्षेत्र की 8 ग्रामीण बैंक शाखाओं के 408 किसानों को 1,69,16,000 रूपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इनमें से 402 किसानों को 1,66,97,000 रूपये के क्रेडिट कार्ड वितरित किये गये। डीसीबी बैंक की एक शाखा के 407 किसानों को 13,54,000 की धनराशि स्वीकृत हुयी। इनमें 407 किसानों को 13,54,000 के कार्ड वितरित किये गये। एल.डी.बी की एक शाखा के 153 किसानों को 13,35,000 रूपये स्वीकृत हुये जिनके कार्ड शिविर में वितरित कर दिये गये। इस प्रकार कुल 1843 किसानों को 8,60,62,000 रूपये के ऋण क्रेडिट कार्डो के माध्यम से स्वीकृत हुये और आज के शिविर में कुल 1,711 कृषकों को 7.5159 करोड़ रूपये के क्रेडिट कार्ड वितरित किये गये। शिविर में उपस्थित उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी विकास मिश्र तथा एल.डी.एम जगदेव सिंह आदि ने क्रेडिट कार्ड के महत्व पर प्रकाश डालते हुये किसानों को समझाया कि वे इस धन का सदुपयोग करे। इस धन को वे कृषि कार्य में ही लगायें और समय से ऋण की वापसी बैंक में कर दें। जो किसान इस धन को बर्वाद करेगे निश्चय ही वे इसे लौटा नहीं पायेंगे और उनकी साख खराब हो जायेगी। ऐसी स्थिति में बैंक उनकों दुबारा ऋण नहीं दे पायेगा और वे पुन: साहूकारों के चंगुल में फस जायेंगे। उप जिलाधिकारी ने शिविर में उपस्थित बैंक प्रबन्धकों से क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिये किसानों को अनावश्यक परेशान न करने की अपील की साथ ही किसानों से कहा कि यदि बैंक उन्हे परेशान करता है, तो वे अपनी परेशानी सीधे मुझे बता सकतें है। उन्होंने बैंक कर्मचारियों भी शिकायतें सही पाये जाने पर आवश्यक कार्यवाही करने की चेतावनी दी।