केन्द्र की योजनाओं की राशि तुरन्त अवमुक्त हो

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झांसी- ग्राम्य विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने आज यहां निर्देश दिए कि केन्द्र की योजनाओं के लिए आने वाले धन को जनपद में एक सप्ताह से अधिक नहीं रोका जाए और राशि अवमुक्त कर दी जाए। उन्होंने नरेगा में दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में माडल तालाब बनाने के निर्देश दिए। पौधारोपण की सुरक्षा के उपाय करने के लिए नरेगा से धनराशि उपलब्ध कराने की बात कही।

कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में झांसी व चित्रकूट धाम मण्डल की ग्राम्य विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए ग्राम्य विकास आयुक्त ने कहा कि यदि हम तय कर लें कि ईमानदारी से कार्य करना है, तो अवश्य ही कार्य अच्छा होगा। महज फाइलों को आगे बढ़ाने से कार्य नहीं होगा। प्रदेश में लागू लाभकारी योजनाओं का सीधा लाभ लाभार्थी तक पहुंचे। योजनाओं को और अधिक प्रभावशाली व पारदर्शी बनाने के लिए लाभार्थी से सीधे जानकारी ली जाएगी। यदि लाभार्थी से सुविधा शुल्क लेने की शिकायत प्राप्त होती है, तो कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

ग्राम्य विकास आयुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना में शामिल 11 नई परियोजनाओं की प्रगति से काफी नाराज हुए। चित्रकूट धाम मण्डल में बड़ी संख्या में अधूरे इंदिरा आवासों पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने एक सप्ताह में कार्य पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। ललितपुर जनपद में इन्दिरा आवास की धीमी गति पर भी अप्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में 5 लाख परिवारों को लाभ दिए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों की जानकारी भी ली।

पौधारोपण की समीक्षा करते हुए उन्होंने साइड पर छांव व पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि नरेगा में इन सुविधाओं का प्रावधान है, तो फिर व्यवस्थाएं क्यों नहीं की जा रही हैं। उन्होंने पौधारोपण की सुरक्षा करने तथा खराब पौधों को बदलने के साथ सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने को कहा। साथ ही इस वर्ष होने वाले पौधारोपण के लिए नरेगा की धनराशि से अभी से सुरक्षा के उपाय व गढ्डें खोद लेने को कहा। उन्होंने कहा कि सिंचाई की पर्याप्त उपलब्धता वाले क्षेत्रों में फलदार वृक्ष लगाएं। ग्राम में एक माडल तालाब बनाना सुनिश्चित करे। इसमें नए व पुराने तालाब के साथ जीर्णोद्धार करने वाले तालाब भी लिए जा सकते है। साथ ही खेत तालाब को भी ठीक कर लिया जाए और खेत तालाब किसानों के खेत में जबरन न बनाए जाएं।

उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि पौधारोपण में गुल मोहर के पौधे न लगाएं। साथ ही इस योजना में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ें। उन्होंने पौधे की नराई-गुड़ाई में लगी महिलाओं को 100 रुपए रोज देने तथा पौधों के रखरखाव के लिए नरेगा से धनराशि लेने का सुझाव दिया। पौधों की सुरक्षा के लिए एक महिला व पुरुष को 100 रुपए प्रतिदिन पर रखवाली के लिए रखा जा सकता है। समीक्षा बैठक में मण्डलायुक्त टीपी पाठक, जिलाधिकारी राज शेखर, संयुक्त विकास आयुक्त ओपी वर्मा, चित्रकूट धाम भूपेन्द्र त्रिपाठी, दोनों मण्डलों के मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।