केन्द्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने स्थलीय निरीक्षण में बुन्देलखण्ड पैकेज के तहत कराये गये कार्याें को सराहनीय व संतोषजनक पाया

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  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समग्र विकास हेतु राज्य सरकार के 10,685 करोड़ रू0 के पैकेज के मांग के सापेक्ष केन्द्रीय योजना आयोग द्वारा मात्र 1596 करोड़ रू0 की धनराशि स्वीकृत
  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास हेतु स्पेशल एरिया इंसेन्टिव पैकेज घोषित किया जाये
  • छोटे किसानों हेतु बकरी पालन योजना विशेष लाभकारी
  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पेयजल व सिंचाई परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाये

मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र ने आज एनेक्सी मीडिया सेन्टर में प्रेस प्रतिनिधियों को केन्द्रीय योजना आयोग के दो दिवसीय झांसी दौरे के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समग्र विकास हेतु केन्द्र सरकार से 10,685 करोड़ रू0 के पैकेज की मांग की थी, जिसके सापेक्ष वर्ष 2009 में मात्र 3,506 करोड़ रू0 का पैकेज स्वीकृत किया गया। जिसमें से मात्र 1,596 करोड़ रू0 का ए0सी0ए0 (अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता) स्वीकृत किया गया, शेष अंश चालू योजनाओं के अन्तर्गत है। उन्होंने बताया कि अब तक जितनी धनराशि स्वीकृत है, उसके सापेक्ष 76 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है और 25 प्रतिशत कार्य पूर्ण हैं तथा शेष कार्य भी अपने अन्तिम चरण में हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के त्वरित विकास हेतु केन्द्रीय योजना आयोग से स्पेशल एरिया इन्सेन्टिव पैकेज की मांग की गयी। इसके साथ बुन्देलखण्ड क्षेत्र की विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यहां के किसानों के लिए ऋण माफी योजना भी लागू करने को कहा गया। उन्होंने बताया कि आयोग को बुन्देलखण्ड पैकेज में पेयजल व सिंचाई की योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है। इस क्रम में राज्य सरकार द्वारा कमान्ड ट्यूबवेल, निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण आदि के प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति देने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में नहरों की लाइनिंग का कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे 20 से 25 प्रतिशत पानी नुकसान होने से बच जायेगा। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में डी0पी0ए0पी0 व नान-डी0पी0ए0पी0 ब्लाकों के वर्गीकरण की वर्तमान व्यवस्था को समाप्त किया जाये और पूरे क्षेत्र को डी0पी0ए0पी0 क्षेत्र के लिए अनुरूप सुविधायें उपलब्ध करायी जायें।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 500-1000 की आबादी के ग्रामों को जोड़ने की योजना के प्रस्ताव तत्काल स्वीकृत की जाये। इसी प्रकार राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के मजरों के विद्युतीकरण के प्रस्ताव को भी शीघ्र मंजूर किया जाये। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने बुन्देलखण्ड पैकेज के तहत कराये गये विभिन्न कार्याें के स्थलीय निरीक्षण मंे कार्याें को संतोषजनक व सराहनीय पाया।
पथरई कैनाल के निरीक्षण में जिसकी लाइनिंग का कार्य 04 करोड़ रू0 की लागत से कराया गया है, से पूर्व में 1056 हेक्टेअर भूमि की सिंचाई के स्थान पर अब दुगने क्षेत्र की सिंचाई हो सकेगी।
निरीक्षण में किसानों को सिंचाई हेतु एच0डी0पी0 पाइप वितरण की योजना विशेष लाभकारी पायी गयी। इससे पानी का किसी प्रकार रिसाव नहीं होता है और खेत को पूरा पानी सिंचाई हेतुु मिलता है। स्थलीय निरीक्षण में वन विभाग की चैकडैम व वनीकरण की योजना से आस-पास के गांवों में भूगर्भ जल स्तर काफी ऊपर पाया गया। इसी प्रकार बरूआ सागर में राष्ट्रीय औधानिक मिशन के तहत साइट्रस प्रजाति के पौधों के रोपण के भी काफी लाभदायक परिणाम देखने को मिले।
मुख्य सचिव ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में डगवेल कुओं के साथ 03 इंच वाले ट्यूबवेल को भी स्वीकृति दी जाये। उन्होंने बताया कि कुछ कुएं गिरने की शिकायत पायी गयी थी। निरीक्षण में इसका कारण जल्दी व ज्यादा बारिश होना पाया गया। इस वर्ष बारिश 12 जून से शुरू हो गई थी। उन्होंने बताया कि डगवेल 10-15 मीटर गहरे व 4-6 मीटर व्यास के होते हैं और इसके निर्माण में 90 से 120 दिन का समय लगता है। बारिश जल्दी होने के कारण चिनाई का कार्य समय से नहीं हो पाया। इस कारण कुछ कुएं गिर गये थे। अब इन सारे कुओं का निर्माण शीघ्र करा दिया जायेगा, क्योंकि निरीक्षण में छोटे किसानों के लिए यह कुएं सिंचाई व पेयजल हेतु काफी उपयोगी पाये गये।
मुख्य सचिव ने बताया कि बकरी पालन योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 01 बकरा व 10 बकरी प्रदान करने का प्राविधान था। शुरू में बकरियों के मरने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में इसका कारण प्रारम्भ में बकरियों को बगैर टीकाकरण के वितरित करना पाया गया। इस प्रकरण में ललितपुर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा 03 पशु चिकित्साधिकारियों को निलम्बित किया गया तथा झांसी के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा 02 पशु चिकित्साधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 13 हजार बकरियां छोटे किसानों को वितरित की जा चुकी हैं। केन्द्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने भी अपने निरीक्षण में इस योजना को काफी फायदेमन्द पाया है। नयी नस्ल की बकरियां देने से किसान एक साल में 50 हजार रू0 तक की आमदनी कर सकता है।
मुख्य सचिव ने बताया कि सालारपुर योजना में टेंडर अनियमितता के सम्बन्ध में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सकरवा डैम के निरीक्षण में 05 डैम में से एक डैम ज्यादा बारिश के कारण गिरा पाया गया, इसका शीघ्र निर्माण करा दिया जायेगा। निरीक्षण में चेकडैम सिंचाई के लिए बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए काफी उपयोगी पाये गये। उन्होंने बताया कि पथरई डैम के विस्थापितों को बसाया जा रहा है। इसके आबादी क्षेत्र के पास 02 कुएं भी बनाये गये। निरीक्षण में इन कुओं में पानी पाया गया। डैम के विस्थापितों को 2001 व 2005 में मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
मुख्य सचिव ने बताया कि बुन्देलखण्ड पैकेज के तहत जितनी भी योजनाओं में विकास कार्य कराये जा रहे हैं, उसका विवरण लाभार्थीवार उस जिले की वेबसाइट पर दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 07 मुख्य मण्डियों के निर्माण में से 06 मण्डियों के स्थल चयन का कार्य पूर्ण हो गया है तथा छोटी मण्डियों में से 80 प्रतिशत के भूमि चयन का कार्य पूर्ण हो गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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