किसान उद्यानीकरण व पशुपालन अपनायें

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चित्रकूट- जिलाधिकारी हृदेश कुमार ने मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित खरीफ गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि क्षेत्र में सीमित सिंचाई संसाधनों के मद्देनजर किसानों को कम पानी में पैदा होने वाली फसलें तैयार करनी चाहिए। साथ ही कृषि विविधिकरण के तहत जिले में उद्यानीकरण व पशुपालन को भी क्षेत्रीय किसानों को अपनाना चाहिये।

उन्होंने कहा कि कृषि उन्नयन पखवाड़े में न्याय पंचायत स्तर पर गोष्ठी संपन्न करायी जा रही है। इसी श्रृंखला में यहां जिला स्तरीय खरीफ गोष्ठी का आयोजन किया गया है। कहा कि अब कम समय व कम पानी में पैदा होने वाली संकर बाजरा, ज्वार, तिल आदि फसलें उगायी जायें। इसके अलावा उद्यानीकरण, पशुपालन व फल प्रसंस्करण के जरिये भी किसान तरक्की कर सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, कृषि विकास योजना, कृषि तकनीक प्रबंधक अभिकरण की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी पी सी श्रीवास्तव ने कहा कि अपनी मिट्टी पहचानो अभियान के तहत पूरे जिले में 9625 मृदा नमूने लिये जाने हैं, ताकि जरूरत के अनुसार जमीन के लिये आवश्यक तत्वों का प्रयोग किया जाये। उप कृषि निदेशक मो. आरिफ सिद्दीकी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर क्षेत्रीय किसानों को लाभ लेने के लिये प्रोत्साहित किया। जिला कृषि अधिकारी एच एन सिंह ने जल संरक्षण से संबंधित जानकारियां दीं। उप कृषि निदेशक बांदा विजय सिंह, डा. छोटे सिंह, जी पी कुशवाहा, डा. नरेंद्र सिंह, के एस लाल, कमलेश कुमार, वी के सिंह, मिश्री लाल, अरविंद कुमार व रामहंस सिंह आदि मौजूद रहे।